Published: Tuesday, September 29, 2026, 19:56 [IST]
Arunachal Pradesh Attack: अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह असम राइफल्स (Assam Rifles) की एक पेट्रोलिंग टीम पर संदिग्ध उग्रवादियों ने गोलीबारी कर दी। हमले में 21 असम राइफल्स के हवलदार जानखोकाई कुकी (42) शहीद हो गए, जबकि चार अन्य जवान घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना नामपोंग सर्किल के तहत नामपोंग नाला के पास सुबह करीब 6:30 बजे हुई। उस समय जवान भारत-म्यांमार सीमा पर उस इलाके में गश्त कर रहे थे, जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके में तलाशी और अभियान तेज कर दिया है।
कैसे हुआ हमला?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 21 असम राइफल्स की टीम सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग में पांच जवान घायल हुए। इनमें से हवलदार जानखोकाई कुकी की मौत हो गई, जबकि चार अन्य जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
शहीद जवान की पहचान जानखोकाई कुकी के रूप में
हमले में शहीद हुए जवान की पहचान 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी के तौर पर हुई है। उनकी मौत की पुष्टि विभिन्न रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से की गई है।
किस इलाके में हुआ हमला?
हमला चांगलांग जिले के नामपोंग नाला के पास हुआ। यह इलाका भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब है। जिस क्षेत्र में घटना हुई, वहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा है। भारत-म्यांमार सीमा पर निगरानी और सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई हिस्सों में बाड़ लगाने और अन्य सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है। ऐसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की नियमित पेट्रोलिंग भी होती है।
क्या NSCN-K-YA ने किया हमला?
हमले के बाद NSCN-K-YA (युंग आंग गुट) के कैडरों के संभावित रूप से शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी हमलावर संगठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे संदिग्ध उग्रवादियों का हमला ही बताया जा रहा है। यानी हमले में किस संगठन की भूमिका थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
हमले के बाद क्या हुआ?
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। संदिग्ध हमलावरों का पता लगाने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां हमले की परिस्थितियों और हमलावरों की पहचान की जांच कर रही हैं। इस बीच भारत-म्यांमार सीमा के इस हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
चांगलांग क्यों संवेदनशील है?
चांगलांग, अरुणाचल प्रदेश के उन इलाकों में शामिल है, जो भारत-म्यांमार सीमा से लगे हैं। क्षेत्र में अतीत में भी उग्रवादी गतिविधियों और सुरक्षा बलों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। सुरक्षा आकलनों में NSCN के विभिन्न गुटों और ULFA-I से जुड़ी गतिविधियों का भी जिक्र मिलता रहा है। हालांकि, किसी पुराने हमले या संगठन की गतिविधि के आधार पर मंगलवार के हमले में किसी विशेष संगठन की भूमिका तय नहीं की जा सकती। मौजूदा मामले में जांच जारी है।
पुलिस ने क्या कहा?
चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना की डिटेल जानकारी जुटा रही हैं।