July 22, 2026

Assam Floods: असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 21 और लोगों की मौत के बाद कुल मृतक संख्या 31 पहुंची; 5.64 लाख लोग प्रभावित - Haribhoomi

असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। बाढ़ और बारिश के कारण 21 और लोगों की मौत के साथ इस साल मरने वालों का आंकड़ा 31 हो गया है, जबकि 16 जिलों के 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।

Assam floods

असम में बाढ़ और बारिश के कारण 21 और लोगों की मौत के साथ इस साल मरने वालों का आंकड़ा 31 हो गया है।

  • Published: 22 Jul 2026, 08:26 AM IST
  • Last Updated: 22 Jul 2026, 08:27 AM IST

Assam floods: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह बनी हुई है। बुधवार को आए नए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसों में 21 और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद इस साल बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी एक देर रात के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे बुरी तरह प्रभावित शिवसागर जिले में सबसे ज्यादा 13 मौतें दर्ज की गईं। इसके अलावा चराईियों में 5, गोलाघाट में 2 और जोरहाट में 1 व्यक्ति की जान गई है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज करेंगे प्रभावित जिलों का दौरा
राहत और बचाव कार्यों का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बुधवार से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों का दौरा शुरू करेंगे। उन्होंने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि ऊपरी हिस्से में बादल फटने (क्लाउडबस्ट) के कारण आई इन हालिया बाढ़ों ने लोगों के जीवन को बेहद कठिन बना दिया है।

#WATCH | Assam: Indian Army intensifies flood relief and rescue operations under Operation 'Jal Rahat' in Sivasagar, Charaideo and Jorhat areas. (21.07)

(Video Source: Pro Defence, Tezpur) pic.twitter.com/NcJVphrDP9

— ANI (@ANI) July 21, 2026

अपने दौरे के दौरान वे चराईियों, नाजिरा, शिवसागर, सोनाारी, जोरहाट और तेओक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।

16 जिलों के 5.64 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित
ASDMA के मुताबिक, राज्य के 16 जिलों- गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ, धेमाजी, सोनितपुर, उदलगुड़ी, नगांव, चराईियों, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर में कुल 5,64,600 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सोमवार को यह आंकड़ा 15 जिलों में 3.63 लाख लोगों का था, जो अब काफी बढ़ गया है।

44 राजस्व मंडलों के 872 गांव पानी में डूबे
बुलेटिन में बताया गया है कि 44 राजस्व मंडलों के अंतर्गत आने वाले कुल 872 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। केवल शिवसागर जिले में 3,59,5351 लोग प्रभावित हुए हैं, इसके बाद जोरहाट में 87,662 और चराईियों में 72,646 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। वर्तमान में राज्यभर में 71 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 12,284 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा राहत सामग्री बांटने के लिए 202 वितरण केंद्र भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं कई नदियां
नदियों के जलस्तर की बात करें तो शिवसागर शहर और नांगलामुराघाट में दिखाउ और दिसांग नदियां उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) से ऊपर बह रही हैं। वहीं, नेमाटीघाट पर ब्रह्मपुत्र, खोवांग पर बुढ़ीदिंग, तथा गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में वायु सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), SDRF और अग्निशामक दल सहित कई एजेंसियां मिलकर राहत और बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं।

रेल और मोबाइल सेवाओं पर भी पड़ा गहरा असर
बाढ़ के पानी के रेलवे ट्रैक पर भर जाने के कारण राज्य में लगातार दूसरे दिन भी ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि शिवसागर जिले के सिमलगुड़ी शहर और उसके आसपास गंभीर बाढ़ के कारण सिमलगुड़ी-नमतियाली और सिमलगुड़ी-सेलेघाट सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया है, साथ ही फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

अधिकारी ने यह भी बताया कि ये स्पेशल ट्रेनें शुक्रवार तक चलेंगी ताकि फंसे हुए यात्रियों को बड़ी राहत मिल सके। इसके अलावा, मरियानी और गुवाहाटी के बीच कुछ अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों की नियमित सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं। दूसरी ओर, सरकार ने शिवसागर, चराईियों और जोरहाट में निर्बाध मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के माध्यम से 24 जुलाई तक इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा को सक्रिय कर दिया है।

इस सुविधा से यदि किसी उपभोक्ता का अपना नेटवर्क काम नहीं कर रहा हो, तो वह किसी भी अन्य उपलब्ध टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क के जरिए अपनी सेवाएं जारी रख सकता है।