Updated: Monday, July 13, 2026, 12:22 [IST]
Asim Munir Controversy: पाकिस्तानी नेता फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के राजनीतिक फैसलों में दखल से पूरी तरह भर चुके हैं। हर बात में मुनीर की इजाजत और मुनीर की परमीशन और मुनीर की मर्जी की वजह से राजनीतिक हालात अराजक हो चुके हैं। जिसका असर जनता और नेता पर पड़ रहा है। नतीजतन अब पाकिस्तान के नेता मुनीर के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं। यहां तक कि उन्हें वर्दी उतारने की सलाह भी दे दी है। क्या है पूरा मामला जानेंगे इस खबर में।
आर्मी से भिड़ा नेता
पाकिस्तान के एक बड़े राजनैतिक नेता ने देश में बढ़ते आर्मी के दखल सीधा हमला बोला है। उन्होने कहा कि अगर आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को लगता है कि पब्लिक का सपोर्ट उनके साथ है, तो वे सेना छोड़ें और चुनाव मैदान में उतरें। यह तीखा बयान एक पब्लिक रैली के दौरान आया, जिसके बाद राजनीतिक हलको में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वर्दी उतारो और चुनाव लड़ो
रैली में बोलते हुए इस नेता ने जनरल मुनीर पर सेना की आड़ में देश के राजनैतिक और आर्थिक फैसलों को कंट्रोल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "अगर आपको सच में लगता है कि जनता आपकी नीतियों और आपकी चुनी हुई सरकार के पीछे खड़ी है, तो मैं आपको चैलेंज देता हूं कि अपनी वर्दी उतारो, अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाओ और मैदान में आओ।" दोनो लीडर्स के बयानों के बीच यह चुनौती काफी चर्चा बटोर रही है, जिसमे सीधे तौर पर मिलिट्री को ललकारा गया है।
मीडिया पर पाबंदी बंद करो- नेता
नेता ने आगे कहा कि "आओ और हम सब की तरह चुनाव लड़ो। पाकिस्तान की जनता को बैलट बॉक्स के जरिए आपका फैसला करने दो, न कि सरकारी सिस्टम का इस्तेमाल करके झूठे जनादेश तैयार करो।" इसके साथ ही उन्होंने मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट पर राजनीति में दखल देने, विपक्षी पार्टियों को कमजोर करने और इंडिपेंडेंट मीडिया पर पाबंदियां लगाने का भी आरोप लगाया, जिसके कारण देश मे लोकतांत्र और पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
'देश के हाथों से छूटा कंट्रोल'
आर्मी चीफ पर हमला जारी रखते हुए नेता ने कहा, "आप आर्मी हेडक्वार्टर में घूमते हैं, लेकिन आपकी निगरानी में देश के हाथों से कंट्रोल छूट गया है।" उन्होंने आगे कहा- "जिस दिन आपने राजनैतिक बातचीत को दबाकर दमन का रास्ता चुना, उसी दिन हमने बलूचिस्तान को खो दिया था। आप किसी इलाके के लोगों को दुश्मन समझकर उस पर जीत हासिल नहीं कर सकते।" इसके अलावा इस नेता ने आसिम मुनीर को हिदायत कहते हुए कि बलूचों से बातचीत ही एकमात्र तरीका है।
बलूचिस्तान पर बुरी तरह घिरे मुनीर
इस नेता ने बलूचिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर भी सरकार और सेना को बुरी तरह तलाड़ा। बलूचिस्तान में पिछले कुछ महीनों से फौज का दमन बढ़ा है जिसकी वजह से बलूच लोगों में काफी गुस्सा है। इसी वजह से वहां के लोगों और फौज में अक्सर टकराव की खबरें आती रहते हैं। यहां तक कि आर्मी पर लोगों को किडनैप करने, हत्या करने और उन्हें गायब करने के भी आरोप लगते रहे हैं। यही कारण है कि इस नेता ने भी आसिम मुनीर को इस मामले पर जबरदस्त घेरा।
लगातार निशाने पर चल रहे मुनीर
यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जनरल आसिम मुनीर की लीडरशिप पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियों, आर्थिक तंगहाली और राष्ट्रीय मामलों में सेना की बढ़ती भूमिका को लेकर लगातार जांच के दायरे में है। बता दें कि पाकिस्तान में मिलिट्री सबसे प्रभावशाली संस्थानों में से एक है, जो सुरक्षा नीति, विदेश नीति और घरेलू मामलों में बड़ा रोल निभाती है, और अब इस पर खुलेआम सवाल उठाए जा रहे है। लेकिन अपने अड़ियल और तानाशाही रवैये के लिए पहचाने जाने वाले मुनीर अब नेता से लेकर जनता के निशान पर आ चुके हैं। यहां तक कि ISPR भी इस पर चुप्पी साधे हुए है।
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