
एशियन गेम्स में टॉयलेट की क्या व्यवस्था है? (PC-PTI)
एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट का वेन्यू जापान के कारोगी स्पोर्ट्स पार्क में होगा. ऐसी खबरें थी कि इस मैदान पर टॉयलेट की व्यवस्था मैदान से आधा किमी. दूर है, अब जापान क्रिकेट ने इसपर चुप्पी तोड़ी है. जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी ने बुधवार को कहा कि आने वाले एशियाई खेलों में क्रिकेट की प्रतियोगिता के दौरान किसी टीम के खिलाड़ी को कोई दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने काफी मेहनत की है और जिन भी टीमों को होटल से जुड़ी समस्याएं हैं उन्हें दूरा करने के लिए पूरा इंतजाम है. जापान क्रिकेट के सीईओ ने टॉयलेट को लेकर फैली खबर को भी अफवाह बताया.
क्या आधा किमी. दूर है टॉयलेट?
मीडिया में इस तरह की खबरें थी कि जहां क्रिकेट की प्रतियोगिता होने वाली है उस मैदान पर शौचालय की सही सुविधा नहीं है. दावा किया जा रहा था कि टॉयलेट खेल के मैदान से कम से कम आधा किमी. दूर हैं. लेकिन जापान क्रिकेट के सीईओ ने इसे कोरी अफवाह बताया. उन्होंने कहा, ‘जहां क्रिकेट मैचों का आयोजन होगा वहीं हर तरह की सुविधा होंगी. मैदान पर ही शौचालय होंगे. मैदान पर मौजूद सुविधाएं अस्थायी हैं लेकिन पिछले एक समय में हमने पूरी मेहनत के साथ इस मैदान को बनाया है.’ जापान क्रिकेट के सीईओ ने जानकारी दी कि मैदान पर अस्थायी ड्रेसिंग रूम बनाए गए हैं लेकिन यहां हर तरह की आरामदायक सुविधाएं हैं.
अपना होटल चुनने का विकल्प
जापान क्रिकेट के सीईओ ने बताया कि वो सभी टीमों के खिलाड़ियों को होटल में ठहरने की पेशकश कर रहे हैं. अगर किसी टीम को अपने खिलाड़ियों के लिए ठहरने की व्यवस्था पसंद नहीं आती है तो टीमें अपने होटल खुद बुक कर सकते हैं. बता दें कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क नागोया शहर से तकरीबन 20 किमी. दूर है. ऐसे में यहां पहुंचने में भी समय लगेगा जिसपर कई टीमें चिंतित हैं. क्रिकेट मैदान निश्शिन शहर में है जो कि पहले बेसबॉल का ग्राउंड था. रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां सिर्फ 300 लोग ही बैठ सकते हैं लेकिन टेंपररी स्टैंड्स लगाकर इसकी क्षमता 2000 तक पहुंचाई जा सकती है.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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