जापान के आइची नगोया में चल रहे एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट के सेमीफाइनल की लाइन अप तय हो चुकी है. इस लाइन अप को सेट करने में टीमों की मेहनत से ज्यादा बारिश का योगदान रहा है. लगातार हो रही बारिश ने मेंस क्रिकेट के सारे टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल पर पानी फेर दिया, जिसके बाद सेमीफाइनल में उन टीमों के एंट्री मिली, जो ICC रैंकिंग में अपने विरोधी से बेस्ट थे. चारों क्वार्टर फाइनल बारिश और गीले आउटफील्ड के चलते रद्द होने के बाद जो चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंची, वो- भारत-पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश- रहीं.
सेमीफाइनल का शेड्यूल और लाइन अप
अब सवाल है कि सेमीफाइनल का लाइनअप कैसा है? कब किस टीम का किससे मुकाबला है? एशियन गेम्स 2026 में मेंस क्रिकेट के दोनों सेमीफाइनल 1 अक्टूबर को खेले जाएंगे. पहला सेमीफाइनल पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच होगा, जो कि भारतीय समयानुसार सुबह के साढ़े 5 बजे से शुरू होगा. वहीं दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला सुबह साढे़ 10 बजे से भारत और श्रीलंका के बीच होगा.
बारिश में धुला मैच तो कौन खेलेगा फाइनल?
जापान के आइची नगोया में बारिश की संभावना लगातार बनी है. ऐसे में सवाल है कि अगर बारिश होती रही और उसने क्वार्टर फाइनल की ही तरह सेमीफाइनल को भी रद्द करा दिया तो क्या होगा? सेमीफाइनल मुकाबला रद्द होने की सूरत में किस टीम को फाइनल खेलने का लाइसेंस हासिल होगा? जवाब वही है. यहां भी बेहतर रैंकिंग वाली टीम को मैच रद्द होने की सूरत में फायदा मिलेगा.
सेमीफाइनल रद्द हुआ तो भारत-पाकिस्तान फाइनल तय
मतलब अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश के मैच में बारिश हुई और वो रद्द हुआ तो फिर उस सूरत में पाक टीम फाइनल में पहुंच जाएगी. पाकिस्तान की T20I रैंकिंग छठी है जबकि बांग्लादेश की 8वीं हैं. ठीक ऐसे ही दूसरे सेमीफाइनल में मैच रद्द होने की सूरत में फायदा टीम इंडिया को मिलेगा. क्योंकि टीम इंडिया की T20I रैंक नंबर 1 है और श्रीलंका 9वें नंबर पर है.
साफ है कि अगर सेमीफाइनल मुकाबला बारिश में धुलता है तो फिर फाइनल में भारत-पाकिस्तान भिड़ते दिख सकते हैं.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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