
भारत ने 19-0 से जीता मैच (Photo: X)
एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला हॉकी टीम ने तूफानी शुरुआत की है. उसने गोलों का ऐसा बवंडर उठाया कि उसमें उजबेकिस्तान की टीम मानो उड़ सी गई. भारतीय महिला हॉकी टीम के आसपास भी उजबेकिस्तान का खेल नहीं दिखा. हालांकि, 19-0 के बाद भी एक इंटरनेशनल मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम का किया सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड तो नहीं टूटा. लेकिन, उन 19 गोलों को करने में जिस एक खिलाड़ी ने सबसे ज्य़ादा गोल दागे, उसने भारतीय रिकॉर्ड जरूर बना दिया.
किस खिलाड़ी ने गोल दागने में बनाया भारतीय रिकॉर्ड?
अब सवाल है कि वो खिलाड़ी कौन है, जिसने अकेले सबसे ज्यादा गोल दागकर रिकॉर्ड बना दिया. हम बात कर रहे हैं दीपिका सेहरावत की, जिन्होंने अकेले ही मैच में 8 गोल किए, जो कि महिला हॉकी में एक भारतीय रिकॉर्ड है. दीपिका सेहरावत ने अपने 8 गोल मैच के 8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें और 54वें मिनट में किए.
गोल दागने वाले बाकी और खिलाड़ी
दीपिका सेहरावत के अलावा इशिका ने गोलों की हैट्रिक पूरी की. इशिका ने 11वें, 42वें और 54वें मिनट में गोल दागे. नवनीत कौर ने 23वें और 45वें मिनट में और लठंतलुआंगी ने 42वें और 51वें मिनट में गोल दागे. इनके अलावा लालरेम्सियामी, बलजीत कौर, नेहा गोयल और साक्षी राणा ने 1-1 गोल किए.
भारतीय महिला हॉकी टीम का सबसे ज्यादा गोल वाला मैच
किसी एक मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सबसे ज्यादा 24 गोल नेपाल के खिलाफ 2016 साउथ एशियन गेम्स में दागे थे. एशियन गेम्स में किसी एक मैच में सबसे ज्यादा 22 गोल उसने 1982 में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ किया था. वहीं 2018 के एशियन गेम्स में कजाखस्तान के खिलाफ उसने 21-0 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. यानी 19-0 की जीत भारतीय महिला हॉकी टीम की ओवरऑल चौथी सबसे बड़ी जीत है.
एशियन गेम्स में तूफानी आगाज के बाद अब भारत को अपनी महिला हॉकी टीम से एक सुनहरे अंजाम की भी उम्मीद रहेगी.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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