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प्रताप नगर थाने के एक हैड कांस्टेबल के खिलाफ ₹3 हजार की रिश्वत मांगने का केस दर्ज हुए अभी 4 दिन ही हुए थे कि मंगलवार को इसी थाने का एएसआई सुखदेव जाट ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। एसीबी ने उसे जवाहर सर्किल के पास ईपी गेट पर महिला परिवादी से रिश्वत लेकर जेब में रखते हुए पकड़ा।
महिला ने प्रतापनगर थाने में पारिवारिक विवाद से जुड़े दो केस दर्ज करवा रखे हैं। दोनों की जांच सुखदेव कर रहा था। वह मामलों में कार्रवाई करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। एसीबी के एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि 15 दिन पहले महिला ने शिकायत दी थी। 30 सितंबर को सत्यापन हुआ। इसके बाद मंगलवार को एएसआई ने महिला को रिश्वत की रकम लेकर थाने से 10 किमी दूर जवाहर सर्किल के पास बुलाया। दोपहर 1 बजे महिला ने ईपी गेट के पास एएसआई को ₹10 हजार दिए। रुपए जेब में रख वह जल्द कार्रवाई की बात कहकर रवाना होने लगा। इसी दौरान एसीबी की डिप्टी एसपी अर्चना मीणा की टीम ने उसे पकड़ लिया। एसीबी ने उसके घर और अन्य ठिकानों पर सर्च कर रही है।
4 माह में कमिश्नरेट के 4 थानों के 6 पुलिसकर्मी रिश्वत मामलों में फंसे
जयपुर कमिश्नरेट में चार माह में चार थानों के 6 पुलिसकर्मी रिश्वत के मामलों में फंसे हैं। इनमें कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, 2 एएसआई व एसआई शामिल 23 जून ,मुहाना थाना : कांस्टेबल नौरत मीणा और सुरेश चौधरी पर मुकदमे में कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं करने की एवज में ₹20 हजार मांगने का आरोप लगा। एसीबी ने एक कांस्टेबल को मौके पर पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया। 24 सितंबर: नाहरगढ़ थाना सब इंस्पेक्टर गिरधारीलाल मीणा ₹10 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। 1 अक्टूबर: सांगानेर सदर एएसआई महेशचंद मीणा को ₹10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा। प्रताप नगर थाना : जब्त बाइक छोड़ने की एवज में हैड कांस्टेबल ने परिवादी से ₹3 हजार की रिश्वत मांगी। शिकायत की भनक पर उसने रकम नहीं ली, लेकिन एसीबी ने रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया। 6 अक्टूबर | प्रताप नगर थाना : एएसआई सुखदेव जाट ₹10 हजार लेते पकड़ा गया।
पुलिसकर्मी भ्रष्ट मिलने पर एसएचओ को दो साल फील्ड पोस्टिंग नहीं देने का प्रावधान
प्रताप नगर थाने के हेड कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वत मांगने का केस दर्ज होने के महज 4 दिन बाद उसी थाने का एएसआई रिश्वत लेते पकड़ा गया। इन मामलों ने थाना स्तर पर निगरानी और सुपरवाइजरी अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मुख्यालय के सर्कुलर के अनुसार, जिस एसएचओ के कार्यकाल में थाने का कोई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा जाता है, उसे अगले दो साल तक फील्ड पोस्टिंग नहीं दिए जाने का प्रावधान है।