Akhilesh Yadav on Reservation: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सहारनपुर के अपने अहम दौरे के दौरान जनता और कार्यकर्ताओं के बीच आगामी राजनीति की दिशा तय कर दी. उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में पार्टी का चुनावी घोषणापत्र किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि जमीन पर मौजूद जनता और क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को समझकर तैयार किया जाएगा. उन्होंने सामाजिक न्याय, आरक्षण, खेती-किसानी और युवाओं के भविष्य को लेकर पार्टी की प्राथमिकताओं को सामने रखा.
आरक्षण और सामाजिक न्याय पर दो टूक रुख
अखिलेश यादव ने आरक्षण के मसले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था कोई नई व्यवस्था नहीं है. आरक्षण पहले भी था, आज भी पूरी मजबूती से है और आगे भी लगातार रहेगा. उन्होंने सामाजिक संतुलन के लिए जातीय जनगणना को बेहद जरूरी बताया. उनका कहना था कि जब तक आबादी के सही आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक हर वर्ग को उसकी संख्या के अनुसार पूरा हक और सम्मान मिलना संभव नहीं है. उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी इस बात पर बिल्कुल स्पष्ट है कि जिसकी जितनी आबादी हो, उसे उतनी ही हिस्सेदारी और अधिकार मिलना चाहिए.
गन्ना किसानों की खुशहाली से जुड़ेगा क्षेत्र का विकास
सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र की रीढ़ गन्ना किसान हैं. अखिलेश यादव ने इस बात को रेखांकित करते हुए कहा कि जब तक खेत में पसीना बहाने वाले किसान की जेब में पैसा नहीं पहुंचेगा, तब तक तरक्की की बात अधूरी रहेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य तय समय सीमा के भीतर मिलना चाहिए. इसके साथ ही खेती की लागत कम करने के लिए उन्नत किस्म के बीज, सस्ती कृषि दवाइयां और आधुनिक तकनीक की पहुंच गांव-गांव तक होनी चाहिए. गन्ने से बनने वाले इथेनॉल और चीनी मिलों के कारोबार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग और किसान दोनों के बीच संतुलन होना चाहिए. उद्योगों के मुनाफे के साथ-साथ किसान को भी उसकी उपज का उचित लाभ मिलना जरूरी है.
हुनरमंद कारीगरों को नई पहचान की दरकार
सहारनपुर का नाम पूरी दुनिया में लकड़ी की नक्काशी और बेहतरीन हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है. सपा अध्यक्ष ने यहां के हुनरमंद कारीगरों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि इन मेहनतकश लोगों को आज आधुनिक प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी ठोस योजनाएं लानी चाहिए जिससे यहां बने लकड़ी के उत्पाद सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बड़े बाजारों तक पहुंच सकें. इससे न केवल कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि सहारनपुर के पारंपरिक उद्योग को भी एक नई उड़ान मिलेगी.
नल-जल योजना और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने नल-जल योजना की कार्यशैली पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जमीन पर देखने में आता है कि कहीं पाइपलाइन बिछा दी गई तो पानी की टंकी नहीं है, और जहां टंकी बन गई वहां पानी का स्थायी स्रोत ही मौजूद नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल ढांचा खड़ा कर देने से लोगों की प्यास नहीं बुझती. पानी की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक योजना और पानी निकासी का सही प्रबंध होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने एक्सप्रेसवे और सड़कों के रखरखाव पर बात करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. बड़े प्रोजेक्ट्स के बनने के बाद उनकी लगातार निगरानी होनी चाहिए ताकि आम जनता को सुरक्षित सफर मिल सके.
युवाओं के लिए खेल मैदान और सेना में स्थायी नौकरी की मांग
सहारनपुर के युवाओं में खेल और सेना के प्रति जबरदस्त उत्साह रहता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस इलाके में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम बनाए जाने की सख्त जरूरत है, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके. रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने पार्टी का रुख दोहराते हुए कहा कि सेना में चार साल की अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं करती. युवाओं को सेना में पक्की और स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए ताकि उनका और देश का भविष्य सुरक्षित रहे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी युवाओं के खेल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को सबसे ऊपर रखेगी.
आगामी चुनावी तैयारी और जनसंपर्क अभियान
दौरे के अंत में अखिलेश यादव ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चुनाव करीब आने पर पार्टी बड़े स्तर पर जनता के बीच जाएगी और जनहित के मुद्दों को पूरी ताकत से उठाएगी. गठबंधन को लेकर उन्होंने साफ किया कि जो पुरानी व्यवस्था और तालमेल है, उसी के आधार पर आगे कदम बढ़ाए जाएंगे. पूरे दौरे का सार यही रहा कि समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों, कामगारों, युवाओं और दबे-कुचले वर्गों को एकजुट करके स्थानीय विकास को अपनी राजनीति का मुख्य आधार बनाना चाहती है.
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