भोपाल30 मिनट पहले
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी आज (मंगलवार को) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच रहे हैं। वे करीब 2:50 बजे राजा भोज एयरपोर्ट पर उतरेंगे।
एयरपोर्ट से सीधे होटल जहांनुमा पहुचेंगे, जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद शाम 7:30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।
यह जनसभा एआईएमआईएम द्वारा यूसीसी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। ओवैसी के दौरे को लेकर पहले से ही सियासी सरगर्मी बनी हुई है। कुछ संगठनों ने गणेश उत्सव के दौरान कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी, लेकिन पार्टी ने साफ कहा है कि कार्यक्रम तय समय पर होगा।
मध्य प्रदेश को लेकर ओवैसी के विवादित बयान
मंडला बुलडोजर कार्रवाई पर
जून 2024 में मंडला जिले में गौमांस मिलने के आरोप के बाद 11 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए 2015 के अखलाक हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि पहले भीड़ किसी घर में घुसकर कार्रवाई करती थी, अब वही काम सरकार कर रही है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने कुछ मुसलमानों पर आरोप लगाकर 11 घर गिरा दिए। उन्होंने उन राजनीतिक दलों पर भी सवाल उठाया था, जिन्हें मुसलमानों के वोट मिलते हैं, लेकिन वे इस कार्रवाई पर चुप हैं।
ओवैसी के बयान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जवाब देते हुए कहा था- “यह मध्य प्रदेश है, हैदराबाद नहीं।”
भोजशाला-कमाल मौला विवाद पर
मई 2026 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित करने वाले फैसले के बाद ओवैसी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इस आदेश को पलट देगा। ओवैसी ने फैसले की तुलना बाबरी मस्जिद मामले से करते हुए कहा था कि दोनों मामलों में स्पष्ट समानताएं हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया था कि भोजशाला परिसर 700 साल से मस्जिद है और वक्फ संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने पूजा स्थल अधिनियम, 1991, धार स्टेट गजट और वक्फ पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों को नजरअंदाज किया।
इंदौर दूषित पानी कांड पर
जनवरी 2026 में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान मुसलमानों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर है, जबकि लोगों को साफ पीने का पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा था कि 2026 में विश्वगुरु बनने का दावा करने वाले लोगों के शासन में दूषित पानी पीकर लोगों की मौत हो रही है। ओवैसी ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखी टिप्पणी की थी।
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