July 24, 2026

गोरखपुर AIIMS का मुद्दा लोकसभा में गूंजा: रवि किशन ने बोले- जल्द शुरू हो कैंसर सेंटर और ट्रांसप्लांट सेवाएं - Gorakhpur News

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अभिजीत सिंह | गोरखपुर5 घंटे पहले

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गोरखपुर की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा अहम मुद्दा शुक्रवार को लोकसभा में गूंजा। गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने लोकसभा में AIIMS गोरखपुर में इलाज की बड़ी सुविधाएं बढ़ाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि AIIMS में कैंसर सेंटर, हार्ट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं जल्द शुरू की जानी चाहिए। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के सीमावर्ती जिलों और नेपाल के तराई क्षेत्र से आने वाले लाखों मरीजों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

लोकसभा में बोलते हुए रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्थापित AIIMS गोरखपुर ने पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान दी है। पहले गंभीर बीमारी होने पर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, लखनऊ और दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब कई बीमारियों का इलाज गोरखपुर में ही संभव हो रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार भी जताया।

गंभीर मरीजों को अब भी बाहर जाना पड़ता है

सांसद ने कहा कि AIIMS गोरखपुर में अभी कैंसर का विशेष इलाज, हार्ट सर्जरी, ब्रेन सर्जरी, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी कई अहम सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और अन्य बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है, साथ ही परिवारों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

रवि किशन ने केंद्र सरकार से AIIMS गोरखपुर में कैंसर सेंटर स्थापित करने, हार्ट और न्यूरो सर्जरी शुरू करने, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने और अन्य सुपर स्पेशियलिटी विभागों का विस्तार करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और नई मेडिकल मशीनों की व्यवस्था जल्द की जानी चाहिए।

लाखों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के सीमावर्ती जिलों और नेपाल से आने वाले लाखों मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्हें अपने क्षेत्र में ही समय पर, बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सकेगा। इससे मरीजों का खर्च भी कम होगा और इलाज में होने वाली देरी भी रुकेगी।

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