October 13, 2026

'AIADMK के 6 बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करना सही', मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला - madras hc upholds speaker acceptance of 6 aiadmk mla resignations

मद्रास हाई कोर्ट ने AIADMK के 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को संवैधानिक रूप से सही ठहराया है।

AIADMK विधायकों के इस्तीफे पर मद्रास हाई कोर्ट की मुहर (फाइल फोटो)

AIADMK विधायकों के इस्तीफे पर मद्रास हाई कोर्ट की मुहर (फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट ने AIADMK छोड़कर सीएम जोसेफ विजय की पार्टी TVK में शामिल होने वाले 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर के फैसले को सही ठहराया है।

मद्रास हाई को के मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने एआईएडीएमके व्हिप एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति द्वारा दायर याचिकाओं पर आंशिक रूप से सुनवाई करते हुए कहा कि स्पीकर की कार्रवाई संवैधानिक रूप से वैध है।

बेंच ने कहा कि इस्तीफे मंजूर करना संवैधानिक रूप से सही था और इसके लिए किसी विस्तृत जांच की जरूरत नहीं थी। हालांकि, बेंच ने यह भी कहा कि विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही जारी रह सकती है।

जिन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे, उनके नाम- मरगथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया, जयकुमार, एम.आर. विजयभास्कर और सी. विजयभास्कर है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इन विधायकों के खिलाफ दलबदल से जुड़ी अयोग्यता की कार्यवाही जारी रह सकती है।

अयोग्यता की याचिका इस आरोप पर दायर की गई थी कि इन छह विधायकों- मरगथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया, जयकुमार, एम.आर. विजयभास्कर और सी. विजयभास्कर ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए TVK सरकार के समर्थन में वोट दिया था। इससे पहले, विधानसभा स्पीकर JCD प्रभाकर ने AIADMK के इन छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे।

क्या लगाया गया था आरोप?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने बिना किसी निष्पक्ष जांच के इस्तीफे स्वीकार किए। उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) के संबंध में राज्यपाल से की गई शिकायत का भी हवाला दिया।

इसके जवाब में इस्तीफा देने वाले विधायकों ने तर्क दिया कि इस्तीफा देकर किसी अन्य दल में शामिल होना लोकतांत्रिक राजनीति की सामान्य प्रक्रिया है। वहीं, विधानसभा सचिव की ओर से पक्ष रखते हुए कहा गया कि यदि कोई विधायक स्वेच्छा से इस्तीफा सौंपता है, तो अध्यक्ष के पास उसे खारिज करने का कोई कारण नहीं बनता।

गौरतलब है कि पूर्व विधायकों- मरगथम कुमारवेल (मदुरंथकम) और पी. सत्यभामा (धरापुरम) के इस्तीफा देकर जोसेफ विजय की पार्टी 'TVK' में शामिल होने के कारण इन दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। टीवीके के चुनाव चिन्ह पर चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हुए पी. सत्यभामा ने धरापुरम सीट 66,841 वोटों के बड़े अंतर से हासिल की, जबकि के. मरगथम कुमारवेल ने मदुरंथकम सीट पर जीत दर्ज की। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)