अमेरिका सरकार के करीब 50-60 साल पुराने इंटरनेशनल विजिटर लीडरशिप प्रोग्राम (IVLP) के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव दो सप्ताह के दौरे पर अमेरिका गए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों को किसी विषय पर अमेरिका में हो रहे काम, उसके प्रभ
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महापौर ने बताया कि भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, फिजी, दक्षिण कोरिया, ताइवान, हांगकांग और नेपाल समेत 8 देशों के 12 प्रतिनिधियों के समूह ने अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। वॉशिंगटन डीसी, फ्लोरिडा के ऑरलैंडो और मिनेसोटा सहित विभिन्न शहरों में कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कंपनियों, उद्योगों और स्थानीय प्रशासन के कामकाज को देखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका में शहरों की गवर्नेंस में AI और तकनीक के इस्तेमाल से इंदौर के लिए भी कुछ चीजें लागू की जा सकती हैं।

विदेश से लौटने के बाद महापौर ने की मीडिया से चर्चा।
अमेरिका से सीख के आए इंदौर में लागू होंगी ये 5 चीजें
1. ITMS को और प्रभावी बनाएंगे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में AI के इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ाई जाएंगी। ट्रैफिक निगरानी और नियमों के उल्लंघन की पहचान जैसे कामों को और प्रभावी बनाने पर काम होगा।
2. इंदौर को AI हब बनाने पर काम शिक्षा संस्थानों, उद्योगों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय प्रशासन को जोड़कर इंदौर को AI हब के रूप में विकसित करने का प्रयास होगा। AI की जानकारी और इसके इस्तेमाल को लेकर शहर में काम बढ़ाया जाएगा।
3. सड़कों की निगरानी में AI और CCTV PWD के काम में AI का उपयोग कर सड़कों के गड्ढों और दूसरी समस्याओं को ट्रैक करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए CCTV सर्विलांस पॉलिसी के इस्तेमाल पर काम होगा।
4. 311 शिकायत व्यवस्था को AI से जोड़ेंगे इंदौर की 311 जैसी शिकायत निवारण व्यवस्था को AI के आधार पर और ज्यादा जन-केंद्रित बनाने की योजना है। उद्देश्य शिकायतों को समझने और जनता से बेहतर तरीके से जुड़ने की व्यवस्था विकसित करना है।
5. विकास कार्यों में जनता की भागीदारी बढ़ेगी अमेरिका में किसी काम की योजना बनाने से पहले जनता से सुझाव लिए जाते हैं। इसी तरह इंदौर में बड़े विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निर्णयों में लोगों की राय पहले लेने की व्यवस्था को बढ़ाने पर काम होगा।

मीडिया को जानकारी देते महापौर।
AI के साथ लोगों को तैयार करना भी जरूरी
महापौर ने कहा कि AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ लोगों को इसकी सही जानकारी देना भी जरूरी है। AI के फायदे के साथ इसके गलत इस्तेमाल और संभावित जोखिमों को समझाना होगा। इसके लिए मीडिया, सरकार, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।