August 22, 2026

दिल्ली में निर्माण बैन, AI कैमरों से मॉनिटरिंग! प्रदूषण रोकने के लिए क्या है सीएम रेखा गुप्ता का 'प्लान 42'?

Time Published: Saturday, August 22, 2026, 7:25 [IST]

Delhi Pollution Control Plan: दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने इस बार पहले से ही कमर कस ली है। सरकार ने निर्माण कार्यों पर सख्ती के साथ-साथ धूल प्रदूषण की निगरानी के लिए AI तकनीक का सहारा लेने की तैयारी की है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान किया गया है।

वहीं, 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर कैमरों और सेंसर के जरिए नजर रखी जाएगी। सवाल है कि दिल्ली सरकार का 'प्लान 42' क्या है और प्रदूषण रोकने के लिए इसमें कौन-कौन से बड़े कदम शामिल हैं?

Delhi pollution control Plan

10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण पर रोक

दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ने पर निर्माण और धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकार का मकसद उन गतिविधियों को रोकना है, जिनसे हवा में धूल और महीन कणों की मात्रा बढ़ती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर प्रतिबंध के दौरान कहीं निर्माण कार्य चलता दिखाई दे तो इसकी सूचना MCD, स्थानीय विधायक या मुख्यमंत्री को दी जाए।

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500 वर्ग मीटर से बड़े साइट पर AI की नजर

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने का फैसला किया है। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े निर्माण और डेमोलिशन साइटों की निगरानी Dust Portal के जरिए की जाएगी। यहां AI-enabled कैमरों, PM10 और PM2.5 सेंसर और GIS मैपिंग की मदद ली जाएगी। लाइव कैमरा फीड और सेंसर से मिलने वाला डेटा अधिकारियों को निर्माण स्थल की स्थिति की जानकारी देगा। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रोजेक्ट्स की पहचान पहले के मुकाबले तेजी से की जा सकेगी।

AI कैमरे देंगे तुरंत अलर्ट

सरकार के AI आधारित सिस्टम में प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन की स्थिति के आधार पर येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए जाएंगे। इन अलर्ट को सरकार के Control and Command Centre तक भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से नोटिस, चेतावनी और जुर्माने की कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे सिर्फ कागजों पर निगरानी करने के बजाय निर्माण स्थलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। यानी अगर किसी साइट पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं होता है तो कार्रवाई में देरी की गुंजाइश कम होगी।

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पिछले साल की तरह पर्दे के पीछे नहीं चलेगा काम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले साल GRAP लागू होने के बावजूद कुछ जगहों पर निर्माण गतिविधियां जारी थीं। आरोप था कि कुछ प्रोजेक्ट्स को कवर के पीछे छिपाकर काम किया जा रहा था, जिससे निगरानी मुश्किल हो रही थी। इस बार सरकार ऐसी स्थिति को रोकने के लिए AI कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। अधिकारियों को साइट की स्थिति की लगातार जानकारी मिलती रहेगी। उल्लंघन सामने आने पर डिजिटल तरीके से अनुपालन नोटिस और प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।

'प्लान 42' में प्रदूषण पर चौतरफा निगरानी

दिल्ली सरकार की रणनीति सिर्फ निर्माण कार्य रोकने तक सीमित नहीं है। Dust Portal 2.0 के जरिए जिलावार प्रदूषण की निगरानी, हॉटस्पॉट की पहचान और प्रदूषण के ट्रेंड का विश्लेषण किया जा रहा है। पोर्टल में लाइव 360 डिग्री PTZ कैमरे, प्रदूषण सेंसर और AI आधारित एनालिटिक्स को जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही नियमों को सख्ती से लागू करना है। इसी वजह से निर्माण गतिविधियों पर रोक, रियल टाइम मॉनिटरिंग, अलर्ट सिस्टम और उल्लंघन पर जुर्माना इस रणनीति के अहम हिस्से बनाए गए हैं।