October 5, 2026

ACP Vivek Bhagat पर आरोपों के बाद Delhi Police एक्टिव, पत्रकारों के लिए Guidelines जारी, 4 अहम निर्देश क्या?

Time Updated: Monday, October 5, 2026, 22:04 [IST]

Delhi Police Guidelines For Journalists: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। 5 अक्टूबर को, जारी इन निर्देशों में प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों से अपनी पहचान स्पष्ट रखने और पुलिस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

यह गाइडलाइंस ऐसे समय जारी की गई हैं, जब 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। इसमें ACP विवेक भगत पर महिला पत्रकारों ने गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, मामले की जांच क्राइम ब्रांच के आधीन है। इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए गायडलाइन जारी करते हुए कहा कि कहानी मायने रखती है, और यह भी कि आप उसे कैसे हासिल करते हैं। आइए जानते हैं कि क्या हैं पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की 4 अहम Guidelines...

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PTI फोटो।
  • 1. वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी: पुलिस ने प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों से अपने मीडिया संस्थान की ओर से जारी वैध ID कार्ड साथ रखने को कहा है। इसके अलावा पत्रकारों को वैध PIB या DIP Accreditation card रखने की सलाह दी गई है। इसका मकसद प्रदर्शन स्थल पर पुलिसकर्मियों के लिए पत्रकारों की पहचान आसान बनाना है।
  • 2. ID कार्ड साफ नजर आना चाहिए: सिर्फ पहचान पत्र साथ रखना पर्याप्त नहीं होगा। पुलिस ने पत्रकारों से इसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा है, ताकि भीड़ और पुलिस कार्रवाई के बीच उन्हें आसानी से मीडिया प्रतिनिधि के तौर पर पहचाना जा सके।
  • 3. पुलिस ऑपरेशन में बाधा न बने कवरेज: गाइडलाइंस में पत्रकारों से कहा गया है कि उनकी मौजूदगी या कवरेज की वजह से पुलिस की कार्रवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। खास तौर पर कानून-व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों की आवाजाही और ऑपरेशन के रास्ते में बाधा न डालने की हिदायत दी गई है।
  • 4. तनाव बढ़े तो सुरक्षित दूरी रखें: प्रदर्शन के दौरान अगर स्थिति तनावपूर्ण होती है तो पत्रकारों को सुरक्षित और उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने पत्रकारों से ऐसी जगह खड़े होकर रिपोर्टिंग करने को कहा है, जहां वे प्रदर्शनकारियों से अलग और स्पष्ट रूप से मीडिया प्रतिनिधि के तौर पर नजर आएं।

गाइडलाइंस की जरूरत क्यों पड़ी?

जंतर-मंतर पर हाल के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी है। 3 अक्टूबर के प्रदर्शन की कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। एक शिकायत में ACP विवेक भगत का नाम भी सामने आया है। शिकायतकर्ता पत्रकार ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें पीछे धकेला गया। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा है। मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

5 अक्टूबर को भी जारी रहा विवाद

5 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस की तैनाती को लेकर भी सवाल उठे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के नाम-पट्टिका नहीं पहनने को लेकर भी चर्चा हुई। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने सचिन शर्मा स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों को नेम टैग न पहनने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किए गए थे। डीसीपी ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान ड्यूटी में तैनात कर्मियों के कुछ नेम टैग टूट गए होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मियों के लिए नेम टैग पहनना अनिवार्य है। पुलिस की ओर से नाम टैग न पहनने के लिए कोई निर्देश नहीं है।

पुलिस का फोकस क्या है?

नई गाइडलाइंस को तीन मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है...

  • पहला: मौके पर पत्रकार की पहचान स्पष्ट रहे।
  • दूसरा: रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस की कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई बाधित न हो।
  • तीसरा: तनाव या टकराव की स्थिति में पत्रकार अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

अब सबसे बड़ा सवाल, वैध PIB या DIP Accreditation Card क्या है? और क्या इसके बिना मीडिया कवरेज बैन है? आइए समझते हैं...

PIB Accreditation Card क्या है?

PIB यानी Press Information Bureau (पत्र सूचना कार्यालय) केंद्र सरकार की मीडिया से जुड़ी प्रमुख एजेंसी है। PIB की ओर से पात्र पत्रकारों को Central Media Accreditation दी जाती है। Central Media Accreditation Guidelines का मकसद, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को केंद्र सरकार से जुड़ी सूचना, आधिकारिक सोर्स और समाचार सामग्री तक निर्धारित तरीके से पहुंच उपलब्ध कराना है। यानी PIB कार्ड पत्रकार की केंद्रीय स्तर की आधिकारिक मीडिया मान्यता को दर्शाता है। इसके लिए पत्रकार और उसके मीडिया संस्थान से संबंधित कई जानकारियां और दस्तावेज मांगे जाते हैं। इसमें पत्रकार का अनुभव, मीडिया संस्थान की जानकारी और संपादक की सिफारिश जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।

DIP Accreditation Card क्या होता है?

DIP यानी Directorate of Information & Publicity दिल्ली सरकार का सूचना एवं प्रचार विभाग है। DIP की मीडिया यूनिट दिल्ली सरकार को कवर करने वाले पत्रकारों और कैमरापर्सन के लिए Press Accreditation Cards जारी करती है। इसका संबंध मुख्य रूप से दिल्ली सरकार और उसकी गतिविधियों की मीडिया कवरेज से है। यानी दोनों में बुनियादी अंतर यह है...

  • PIB Accreditation: केंद्र सरकार के स्तर की मीडिया मान्यता
  • DIP Accreditation: दिल्ली सरकार के स्तर की मीडिया मान्यता

क्या बिना PIB या DIP कार्ड के पत्रकार प्रदर्शन कवर नहीं कर सकता?

ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि PIB या DIP कार्ड नहीं होने पर पत्रकार किसी प्रदर्शन की कवरेज नहीं कर सकता। इसका एक उदाहरण चुनावी कवरेज में मिलता है। चुनाव आयोग की व्यवस्था में PIB-accredited पत्रकारों के अलावा non-PIB-accredited journalists के लिए भी कुछ परिस्थितियों में Authority Letter की व्यवस्था रही है।

फिर दिल्ली पुलिस ने PIB या DIP कार्ड का जिक्र क्यों किया?

जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी और पत्रकार मौजूद होते हैं। ऐसे माहौल में पुलिस के लिए यह पहचानना जरूरी हो सकता है कि कौन मीडिया से है और कौन प्रदर्शन में शामिल है। इसी वजह से दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों को मीडिया संस्थान का वैध ID कार्ड साथ रखने और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की सलाह दी है। साथ ही PIB/DIP Accreditation Card रखने की बात भी कही गई है।