September 6, 2026

झज्जर के बादली में ACP प्रदीप खत्री ने संभाली जिम्मेदारी: कुश्ती दंगल में पहुंचे; राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से हो चुके सम्मानित - Jhajjar News

एसीपी प्रदीप खत्री अब बादली में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दंगल पहुंचने पर स्वागत करते ग्रामीण।

झज्जर में कार्यरत रहे एसीपी प्रदीप खत्री ने अब बादली में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। पुलिस सेवा के साथ वह कुश्ती से भी जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस वीरता सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। बादली क्षेत्र में जिम्मेदारी संभालने के बाद वह गुभान

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गुभाना में आयोजित दंगल में आसपास के गांवों से पहलवान और ग्रामीण पहुंचे थे। आयोजन के दौरान ग्रामीणों और आयोजकों ने प्रदीप खत्री का सम्मान किया। इस दौरान उनके पूर्व कार्यकाल और पुलिस सेवा से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया गया।

दंगल में पहलवानों के हाथ मिलवाते एसीपी प्रदीप।

दंगल में पहलवानों के हाथ मिलवाते एसीपी प्रदीप।

युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश

गुभाना दंगल में खिलाड़ियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रदीप खत्री ने कहा कि हरियाणा खेल, खिलाड़ी, किसान और जवानों का प्रदेश है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

अब जानें…कौन हैं प्रदीप खत्री

प्रदीप खत्री पुलिस अधिकारी के साथ पहलवान और कुश्ती प्रशिक्षक भी रहे हैं। वह भारतीय कुश्ती टीम के कोच और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच की भूमिका निभा चुके हैं।

वर्ष 2025 में अमेरिका के बर्मिंघम, अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में प्रदीप खत्री ने 97 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में सिल्वर मेडल और ग्रीको-रोमन में कांस्य पदक जीता था। इससे पहले वर्ष 2022 में नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भी उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया था।

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र देओल भी उन्हें स्नेहपूर्वक अपना बेटा बताते थे।

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र देओल भी उन्हें स्नेहपूर्वक अपना बेटा बताते थे।

2008 में इंस्पेक्टर के तौर पर शुरू की सेवा

प्रदीप खत्री ने वर्ष 2008 में इंस्पेक्टर के पद से हरियाणा पुलिस में सेवा शुरू की थी। वर्ष 2020 में वह डीएसपी पद पर पदोन्नत हुए। पुलिस सेवा में उनकी बहादुरी के लिए उन्हें पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री से सम्मानित किया जा चुका है।

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान झज्जर की छोटूराम धर्मशाला में आगजनी के समय उन्होंने 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भूमिका निभाई थी। बहादुरगढ़ में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान करीब एक क्विंटल चरस की बरामदगी भी उनके कार्यकाल की कार्रवाई में शामिल रही।

दुल्हेड़ा गांव में हालात बिगड़ने पर कब्जा करने आए युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से निकालते एसीपी प्रदीप। (फाइल)

दुल्हेड़ा गांव में हालात बिगड़ने पर कब्जा करने आए युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से निकालते एसीपी प्रदीप। (फाइल)

दुल्हेड़ा में 26 युवकों को ग्रामीणों से छुड़ाया

दुल्हेड़ा गांव में प्लाट पर कब्जा करने पहुंचे 26 युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से निकालने की कार्रवाई में भी प्रदीप खत्री की भूमिका रही थी। इसके अलावा अलग-अलग आपराधिक मामलों में बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 16 एनकाउंटर में उनकी भूमिका बताई गई है।