अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (ABVP) ने संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी के कुलपति पर गंभीर अनियमितता के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। अभाविप ने कार्रवाई नहीं होने पर विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है।
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अभाविप पदाधिकारियों ने कहा कि राजेंद्र लाकपाले कुलपति बनने के योग्य नहीं हैं। सरकार ने गलती की है, जो उन्हें यूनिवर्सिटी में नियुक्त कर दिया। अभाविप ने विभिन्न मदों में खर्च, कुलपति आवास, फर्नीचर खरीदी, टेंडर प्रक्रिया और फीस बढ़ोतरी की जांच की मांग की है।
ABVP के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने आरोप लगाया कि करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से कुलपति भवन का निर्माण होने के बावजूद कुलपति किराए के भवन में रह रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के मद से करीब 22 लाख रुपए के सोफा और फर्नीचर खरीदे गए हैं। इसके अलावा एसी, पंखे और अन्य सामान भी यूनिवर्सिटी की राशि से खरीदा गया है। इन सामानों को नए किराए के भवन में ले जाकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
बिल, टेंडर प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग
अभाविप ने खरीदी की अनुमति, बिल और उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। अभाविप ने आरोप लगाया है कि विवि मद से खरीदी गई कार को कुलपति की पत्नी चला रही हैं।
अभाविप ने यूनिवर्सिटी में होने वाली टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि कुछ कामों में सबसे कम बोली लगाने वाले एल-1 ठेकेदार को काम देने के बजाय दूसरे नंबर यानी एल-2 ठेकेदार को काम दिया गया। अभाविप ने सभी टेंडर की प्रक्रिया और जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
शुल्क वृद्धि से विद्यार्थियों पर बोझ
अभाविप ने छात्र कल्याण शुल्क, पीएचडी शुल्क समेत अन्य शुल्कों में वृद्धि का विरोध किया है। विद्यार्थियों से लगातार शुल्क बढ़ाकर लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ है। सुरक्षा पर करीब 9.62 लाख रुपए और सफाई पर 1.89 लाख रुपए के खर्च की जांच कराने की मांग अभाविप ने की है।
विधानसभा घेराव की चेतावनी
अभाविप प्रदेश मंत्री ने कहा कि राजेंद्र लाकपाले कुलपति बनने के लिए एलिजिबल नहीं हैं। यूनिवर्सिटी सरकार की निगरानी में नहीं चल रहा है। ये कहीं न कहीं हमारी सरकार की ही गलती है। हम इसे लेकर राज्यपाल, सीएम से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से मिलेंगे। कुलपति को नहीं हटाया गया तो विधानसभा का भी घेराव करेंगे।