चित्तौड़गढ़ में ABVP के पूर्व यूनिट अध्यक्ष सावन पटवा को साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कॉलेज स्टूडेंट्स को फॉर्म भरने में मदद करने के नाम पर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम लेकर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद खाते 15 से 25 हजार
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छात्र की शिकायत से शुरू हुई जांच
साइबर थानाधिकारी सुमन कुमार ने बताया - तेजाजी मोहल्ला निवासी दिव्यांशु सालवी (20) ने 15 अक्टूबर को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिव्यांशु ने बताया कि फरवरी में चित्तौड़गढ़ पीजी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर का फॉर्म भरने में परेशानी आने पर उसने कॉलेज के पूर्व ABVP यूनिट अध्यक्ष सावन पटवा से मदद मांगी थी। सावन ने फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा देकर उससे आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए।
इसके बाद सावन ने दिव्यांशु को कलेक्ट्रेट स्थित इंडसइंड बैंक बुलाया और KYC कराने की बात कही। वहां उसकी फोटो ली गई और मोबाइल पर कुछ प्रक्रिया पूरी कराई गई। बाद में सर्वर में दिक्कत होने की बात कहकर उससे सिम कार्ड भी ले लिया गया। दिव्यांशु को लगा कि यह फॉर्म भरने से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया है। उसे जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से बैंक खाता भी खोल दिया गया है।

मार्च में खाते में हुआ 7.60 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन
साइबर थानाधिकारी सुमन कुमार ने बताया - मार्च में दिव्यांशु सालवी के नाम से इंडसइंड बैंक में खुले खाते में साइबर ठगी से जुड़े करीब 7 लाख 60 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। दिव्यांशु को इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में जब पुलिस उसके घर पहुंची, तब उसे पहली बार पता चला कि उसके नाम से बैंक खाता खुला हुआ है और उसमें साइबर ठगी की रकम का लेन-देन हुआ है। इसके बाद उसने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
स्टूडेंट के डॉक्यूमेंट से खुलवाएं दो-तीन खाते
थानाधिकारी ने बताया - जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आरोपी सावन पटवा को गिरफ्तार किया। आरोपी चित्तौड़गढ़ में मिठाई बाजार के पास का रहने वाला है। पुलिस ने उसे भीलवाड़ा जाने के लिए नरपत की खेड़ी के पास खड़े होने के दौरान पकड़ा।
आरोपी ने स्टूडेंट दिव्यांशु के नाम से ही दो-तीन बैंक खाते खुलवा रखे थे। इसके अलावा चार-पांच अन्य खाते खुलवाने की जानकारी भी सामने आई है। इन खातों और उनके नामों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
15 से 25 हजार रुपए में बेच देता था खाते
साइबर थानाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच में ब्यावर जिले के केकड़ी निवासी रोहित का नाम सामने आया है। पूछताछ में सामने आया कि सावन पटवा बैंक खातों को 15 से 25 हजार रुपए में बेचता था। वह खातों से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज कभी पार्सल से तो कभी सीधे भेजता था।
खातों में साइबर ठगी से आने वाली रकम को USDT (डिजिटल करेंसी) में बदलकर आगे भेजा जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस काम में और कौन-कौन शामिल हैं, कितने लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाए गए और साइबर ठगी की रकम कहां-कहां भेजी गई।