July 26, 2026

इंफोसिस से Aadhaar तक... कौन हैं नंदन नीलेकणि? जिन्हें मिली Exam Reform की जिम्मेदारी

NEET (UG) परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि भारत में परीक्षा सुधारों के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक ‘हाई-पावर्ड टास्क फोर्स’ बनाई जाएगी.

दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनी हाई-पावर्ड टास्क फोर्स एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स पर फोकस करेगी और इसकी सिफारिशों के आधार पर आने वाले एग्जाम्स की ईमानदारी पक्की करेगी. आइए जानें नंदन नीलेकणि कौन हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है.

कौन हैं नंदन नीलेकणि?

नंदन नीलेकणि पद्मश्री से सम्मानित भारत के जाने माने उद्यमी, प्रौद्योगिकीविद् और समाजसेवी हैं. जिन्हें मुख्य रूप से आईटी दिग्गज कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक के रूप में जाना जाता है. भारत के महत्वाकांक्षी आधार (Aadhaar) प्रोजेक्ट के जनक के रूप में भी इन्हें जाना जाता है. वर्तमान में वह इंफोसिस के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.

नंदन नीलेकणि की बात करें तो उन्होंने 1981 में एनआर नारायण मूर्ति और पांच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की थी. वह 2002 से 2007 तक इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रहे, जिसके दौरान कंपनी ने वैश्विक स्तर पर भारी सफलता हासिल की. साल 2017 में कंपनी के भीतर चल रहे विवादों के बीच वह वापस लौटे और इसके बोर्ड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष बने.

टैक्नोक्रैट के रूप में बड़ी पहचान

भारत सरकार ने उन्हें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया था, जहां उन्होंने 2009 से 2014 तक कैबिनेट मंत्री के दर्जे पर काम किया. उन्हें दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहचान कार्यक्रम ‘आधार’ (Aadhaar) का खाका तैयार किया और इसे सफलतापूर्वक लागू करवाया.

डिजिटल इंडिया के शिल्पकार

भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (जैसे UPI पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देना और इंडिया स्टैक) के निर्माण में उनकी बहुत बड़ी भूमिका रही है.

सरकार ने NTA की परीक्षाओं में टेक्नोलॉजी और स्ट्रक्चरल सुधारों के लिए एक बहु-विषयक एक्सपर्ट ग्रुप बनाया है. टास्क फोर्स के सदस्यों की बात करें तो एस सोमनाथ इसरो के पूर्व चेयरमैन, तपन डेका इसरो के पूर्व चेयरमैन, वी कामकोटी चेन्नई आईआईटी के डॉरेक्टर, अंकिता करवाल पूर्व शिक्षा सचिव और इसके साथ ही अमृत लाल मीणा जिन्हें लॉजिस्टिक एक्सपर्ट के तौर पर रखा गया है.

जानें टाक्स फोर्स का क्या है उद्देश्य

  • परीक्षा प्रणाली को टेक्नोलॉजी के लिहाज से रिवैम्प करना – सिक्योरिटी, CAT, AI-assisted assessment
  • Structural Reforms: NTA के सिस्टम में बड़े बदलाव लाना3. Domain Expertise: हर क्षेत्र के टॉप एक्सपर्ट्स से सलाह लेकर पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोकना

यह कदम Prof. K. Radhakrishnan Committee की सिफारिशों के बाद उठाया गया है. इसी हफ्ते NTA ने 4 GM पद और 16 Young Professionals की भर्ती भी शुरू की है.

इस टास्क फोर्स से उम्मीद है कि NEET, JEE जैसी बड़ी परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और टेक-सक्षम बनाया जाएगा.

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कुमार कुन्दन

कुमार कुन्दन

साल 2004 में "जी न्यूज" से पत्रकारिता की शुरुआत किया। इसके बाद "टोटल टीवी", "न्यूज24", " इंडिया टीवी", इसके बाद "राजस्थान पत्रिका" अखबार और फिर टीवी 9 भारतवर्ष से जुड़ा.

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