July 28, 2026

यूपी के 95% बुनकरों को राहत देने की तैयारी: फ्लैट रेट बिजली योजना 20 KW तक बढ़ेगा, पुराने बिजली बिलों के लिए OTS की तैयारी - Uttar Pradesh News

प्रदेश के पावरलूम बुनकरों को सस्ती बिजली और पुराने बकाया बिलों से राहत देने की तैयारी है। योगी सरकार अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना का दायरा मौजूदा 5 किलोवॉट से बढ़ाकर 20 किलोवॉट तक करने की तैयारी में है। इसके साथ ही वर्षों

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लखनऊ के खादी भवन में मंगलवार को खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में हुई बैठक में बुनकर प्रतिनिधियों ने बिजली दर, फ्लैट रेट योजना, गलत बिलिंग, सब्सिडी समायोजन और नए कनेक्शन जैसी समस्याएं उठाईं। बैठक में राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल और दानिश आजाद अंसारी भी मौजूद रहे।

मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में हुई बैठक।

मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में हुई बैठक।

95 हजार बुनकरों को मिलता है फ्लैट रेट योजना का लाभ

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 किलोवॉट श्रेणी के करीब 95 हजार बिजली कनेक्शन हैं, जो कुल पावरलूम कनेक्शनों का लगभग 94% हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना का दायरा बढ़ाने के बावजूद 5 किलोवॉट तक के छोटे बुनकरों की मौजूदा सुविधाओं में कोई कटौती नहीं होगी। यदि योजना को 20 किलोवॉट तक बढ़ाया जाता है तो 5 से 20 किलोवॉट क्षमता वाले हजारों पावरलूम संचालकों को भी फ्लैट रेट योजना का लाभ मिलेगा।

सरकार पर 789 करोड़ रुपए सालाना का पड़ेगा भार

अधिकारियों ने बैठक में वित्तीय पहलुओं का भी ब्योरा रखा। अभी सरकार 0 से 5 किलोवॉट श्रेणी के बुनकरों को राहत देने पर हर साल करीब ₹600 करोड़ खर्च करती है। यदि योजना 20 किलोवॉट तक विस्तारित होती है तो सरकार पर करीब ₹189 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। यानी कुल वार्षिक व्यय बढ़कर करीब ₹789 करोड़ हो जाएगा।

पुराने बिजली बिलों पर भी मिलेगी राहत

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पुराने बिजली बिलों और उनमें दिख रही विसंगतियों पर हुई। बुनकर प्रतिनिधियों ने बताया कि कई मामलों में सरकार की ओर से सब्सिडी मिलने के बावजूद बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं पर भारी बकाया दिखा रही हैं।

इस पर अप्रैल 2023 से पहले के बकाया बिलों का समाधान निकालने, ब्याज और विलंब शुल्क में राहत देने तथा किस्तों में भुगतान की सुविधा देने पर विचार किया गया। इसके अलावा बकाया मामलों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा।

अगस्त में चलेगा विशेष अभियान

बैठक में यह भी तय किया गया कि अगस्त में जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर बुनकरों के बिजली बिलों की जांच कराई जाएगी। बुनकर अपने बिल लेकर संबंधित बिजली कार्यालय पहुंचेंगे, जहां उनकी शिकायतों का सत्यापन कर आवश्यक संशोधन के लिए केंद्रीय स्तर पर भेजा जाएगा। लंबे समय से बंद या मृत कनेक्शनों के बकाया की भी अलग से समीक्षा होगी।

छोटे बुनकरों को अलग श्रेणी देने की मांग

बुनकर संगठनों ने सरकार से मांग की कि छोटे बुनकरों को बड़े पावरलूम संचालकों से अलग श्रेणी में रखा जाए और उन्हें बिजली दरों में अतिरिक्त राहत दी जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि योजना को 20 किलोवॉट तक बढ़ाना स्वागतयोग्य कदम होगा, लेकिन छोटे बुनकरों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता होने चाहिए।

मंत्री बोले- बुनकर हित में होगा फैसला

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार बुनकरों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। बुनकरों से मिले सुझावों, बिजली विभाग के आंकड़ों और वित्तीय स्थिति का अध्ययन करने के बाद व्यावहारिक और बुनकर हितैषी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों की विसंगतियों, पुराने बकाया, सब्सिडी समायोजन, लोड वृद्धि और कनेक्शन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।