28 अगस्त 2026, भोपाल: यूपी के गन्ना किसानों को बड़ी राहत, 94 फीसदी से अधिक भुगतान हुआ, 99 चीनी मिलों ने चुकाया पूरा बकाया – उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर है। चालू पेराई सीजन में अब तक किसानों को उनके गन्ने का 94 फीसदी से अधिक बकाया भुगतान किया जा चुका है। सरकार के अनुसार, प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने किसानों का 100 फीसदी भुगतान पूरा कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को उनकी उपज की कीमत मिल चुकी है।
गन्ना विकास विभाग के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में अब तक किसानों के बैंक खातों में सीधे 3.25 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को समय पर उनकी राशि उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नौ साल में 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई
गन्ना विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने करीब 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की है। इस अवधि में कुल 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ।
प्रदेश में गन्ने के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में करीब 1,486.57 लाख टन गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया। इस तरह करीब नौ वर्षों में गन्ना उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है।
वहीं चीनी उत्पादन भी इस अवधि में बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में 87.73 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 89.52 लाख टन पहुंच गया।
उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में भी इजाफा
सरकार के अनुसार, गन्ने की पैदावार और चीनी उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की प्रति हेक्टेयर आमदनी में भी सुधार हुआ है। बेहतर उत्पादन, चीनी मिलों की बढ़ी हुई पेराई क्षमता और भुगतान व्यवस्था में सुधार को इसके प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।
चालू पेराई सीजन में 94 फीसदी से अधिक भुगतान और 99 चीनी मिलों द्वारा पूरा बकाया चुकाया जाना किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत है। हालांकि जिन किसानों का भुगतान अभी बाकी है, उनकी नजर शेष राशि के जल्द मिलने पर है। सरकार का कहना है कि शेष गन्ना मूल्य का भुगतान भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में गन्ने का बढ़ता उत्पादन और भुगतान व्यवस्था में सुधार राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिलने से उन्हें अगली फसल की तैयारी, कृषि निवेश और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा मिल रहा है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture