August 29, 2026

नेपाल बाढ़: तबाही के बाद सुरंगों में फंसे 900 मजदूर; त्रिशूली-3ए सुरंग में बना छोटा रास्ता, हवा-खाना भेजा गया

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सबसे बड़ी चुनौती ऊपरी त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को बाहर निकालने की है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। नेपाली सेना के मुताबिक, रविवार को बचाव दल सुरंग के मुख्य हिस्से तक पहुंचने में कामयाब रहा। करीब 90 सदस्यों की संयुक्त टीम इस अभियान में जुटी है। इसमें 66 नेपाली सेना के जवान, प्रशिक्षित कुत्तों के साथ विशेषज्ञ खोज एवं बचाव दल, 18 सशस्त्र पुलिस बल के जवान और छह नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।



सुरंग में बनाया गया छोटा रास्ता


रविवार दोपहर करीब दो बजे बचाव दल सुरंग के ऊपरी हिस्से यानी 'क्राउन हेड' तक पहुंचा। वहां करीब 2×3 फीट का रास्ता बनाया गया। इसके बाद बचावकर्मी रस्सियों के सहारे सुरंग के अंदर उतरे और अंदर मौजूद लोगों को आवाज लगाई। हालांकि, अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बचाव दल ने सुरंग का रास्ता और चौड़ा करने का काम तेज कर दिया। भारी मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों की मदद से अंदर तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सुरंग में प्रवेश का रास्ता पूरी तरह खुलने के बाद अंदर फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का अभियान तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

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सुरंग में ऑक्सीजन और खाना भेजा गया


बचाव दल ने सुरंग के अंदर हवा और ऑक्सीजन पहुंचाना शुरू कर दिया है। एक ऊर्ध्वाधर रास्ते से पहले ही ऑक्सीजन अंदर भेजी जा चुकी है। इसके अलावा अंदर की स्थिति जानने के लिए कैमरा भी भेजा गया है। बचाव दल अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने और उनकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी से संपर्क नहीं हो पाया है। बचावकर्मी मलबे से भरी जलविद्युत परियोजना की सुरंगों तक पहुंचने के लिए लगातार खुदाई कर रहे हैं। एक सुरंग में फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद में अंदर हवा पहुंचाई गई और खाने का सामान भी भेजा गया। हालांकि, बचाव दल अभी तक सुरंग के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति से संपर्क स्थापित नहीं कर सका है। इसके बावजूद अभियान जारी है और सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।



नेपाल में 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता


नेपाल की अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 900 से ज्यादा कर्मचारी इस आपदा के बाद लापता हैं। इनमें से कई के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारी मलबा, तेज नदी का बहाव और खराब मौसम है। इन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद सुरंगों तक पहुंच बनाने का काम जारी है।



हेलीकॉप्टर से सुरंग तक पहुंचाई गईं भारी मशीनें


बाढ़ की वजह से जलविद्युत परियोजना तक जाने वाली सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाना मुश्किल हो गया। इसके बाद नेपाली सेना ने खुदाई करने वाली मशीनों और बुलडोजरों को अलग-अलग हिस्सों में खोला। इन्हें हेलीकॉप्टर से नुवाकोट के बट्टार तक पहुंचाया गया और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए परियोजना स्थल तक ले जाया गया। इन मशीनों की मदद से सुरंग का रास्ता खोलने और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।



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रात में बारिश और नदी का बढ़ा पानी बना बाधा


बचाव अभियान के दौरान लगातार मौसम और नदी के पानी की चुनौती बनी हुई है। शनिवार रात हुई बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरंग के पास चल रही खुदाई वाली जगह में पानी भर गया था। इससे अभियान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। बाद में बाढ़ का पानी कम होने पर बचाव दल ने दोबारा ड्रिलिंग मशीनों, एक्सकेवेटर, हाइड्रोलिक कटर और अन्य उपकरणों से सुरंग का प्रवेश द्वार तलाशने का काम शुरू किया। सेना के अधिकारियों का कहना है कि नदी के तेज बहाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद संयुक्त बचाव दल लगातार काम कर रहा है।