September 15, 2026

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 4 के करीब, हर 5 साल में सैलरी रिवीजन की डिमांड; कल से चंडीगढ़ में आयोग की मीटिंग

Sep 15, 2026 05:18 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • 8th Pay Commission Chandigarh Meeting: 8वां वित्त आयोग कल 16 सितंबर से चंडीगढ़ में मीटिंग करने जा रहा है
  • अधिक फिटमेंट फैक्टर, फैमिली यूनिट में बदलाव की मांग
8th Pay Commission Chandigarh Meeting

8th Pay Commission Chandigarh Meeting: कल से चंडीगढ़ में आयोग की मीटिंग

8th Pay Commission Chandigarh Meeting: कल यानी 16 सितंबर को 8वें पे कमीशन की मीटिंग चंडीगढ़ में शुरू होने जा रही है। यह बैठक 18 सितंबर को समाप्त होगी। इससे पहले आयोग की मीटिंग इसी महीने पहले चेन्नई और फिर पुडुचेरी में हुई है। इन बैठकों में आयोग कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों से सुझाव और उनकी राय मांग रहा है। इसके अलावा ये सभी संगठन कमीशन को अपनी मौजूदा समस्याओं और जरूरतों को बता रहे हैं।

क्या है प्रमुख डिमांड

फिटमेंट फैक्टर को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस समय हो रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों की तरफ से अधिक से अधिक फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग हो रही है। कुछ संगठनों की तरफ से तो 3.84 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड हुई है। जोकि 7वें पे कमीशन से भी काफी अधिक है।

हर 5 साल पर बढ़े सैलरी (8th Pay Commission Pay hike demand)

मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों के पेंशन और सैलरी में 10 साल पर बढ़ोतरी होती है। संगठनों की मांग है कि नया चयन वेतन मांग की समय सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल कर दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो 30 साल नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 6 बार फायदा होगा। अब देखना है कि आयोग पे रिवीजन को लेकर क्या कहता है?

क्यों हो रही है मांग

भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें पे कमीशन को जो मोमेरेंडम जमा किया उसमें हर 5 साल पर पेंशन रिवीजन की मांग की है। नेशनल काउंसिल जेसीएम स्टाफ साइड की भी तरफ से यही डिमांड की गई है।

अधिक एचआरए की भी डिमांड

कई कर्मचारी संगठनों की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के लिए मौजूदा एचआरएफ पर्याप्त नहीं है। इसे और बढ़ाया जाए। इसके अलावा फैमिली यूनिट को भी 3 से 5 करने की मांग लगातार हो रही है।

पे कमीशन के बीत गई 10 महीने (8th Pay Commission)

8वें वित्त आयोग का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को देना है। जिसके आधार पर केंद्र सरकार की तरफ से कर्मचारियों और पेंशनर्स पर फैसला होगा।

आयोग अबतक देश के कई हिस्सों में मीटिंग कर चुका है। जिन इलाकों में मीटिंग हुई है उसमें दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता, जम्मू जैसे शहर शामिल हैं। अब तक मुंबई में आयोग ने कोई भी मीटिंग नहीं है। आने वाले दिनों में वहां मीटिंग हो सकती है।

लेखक के बारे में

Tarun Pratap Singh

तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।

शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।

अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।

दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।

विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।

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