August 5, 2026

88 करोड़ का फ्रॉड कर UAE में छिप गई थी वॉन्टेड विशाखा राठौड़, CBI ढूंढकर भारत ले आई - most wanted vishakha rathod arrest in uae after 88 crore rupees fraud acse brought back to india by cbi

CBI ने विदेश और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर 88 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी मामले में भगोड़ी विशाखा राठौड़ को UAE से भारत वापस लाया है। ...और पढ़ें

88 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पकड़ी गई मोस्ट वॉन्टेड विशाखा राठौड़ (फोटो-सोशल मीडिया)

88 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पकड़ी गई मोस्ट वॉन्टेड विशाखा राठौड़ (फोटो-सोशल मीडिया)

HighLights

  1. CBI ने 88 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी में कार्रवाई की।

  2. भगोड़ी विशाखा राठौड़ को UAE से भारत लाया गया।

  3. पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 दिन की रिमांड पर भेजा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर, 88 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

88 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ी विशाखा राठौड़ को यूनाइटेड अरब एमिरेट्स (UAE) से भारत वापस लाया गया है।

CBI को मिली बड़ी सफलता

भारतीय अधिकारियों के अनुरोध पर इंटरपोल के जरिए विशाखा राठौड़ और उसके पति अविनाश राठौड़ के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस पर कार्रवाई करते हुए, UAE के अधिकारियों ने अविनाश को हिरासत में ले लिया।

अधिकारियों ने बताया कि राठौड़ को 23 जुलाई, 2026 को भारत लाया गया। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने पर, पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे पुणे ले जाया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उसे 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया।

88 करोड़ का धोखाधड़ी का मामला

सीबीआई भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के तौर पर काम करते हुए, देश भर की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाती है और इंटरपोल चैनलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सहायता की सुविधा देती है।

जांच के मुताबिक, विशाखा और उसके पति ने लोगों को कई स्कीमों में निवेश करने के लिए उकसाया और उन्हें हर महीने निश्चित रिटर्न का झूठा वादा किया।

अविनाश राठौड़ और विशाखा पर निवेशकों के पैसे को बेईमानी से हड़पने और कई बैंक व डीमैट अकाउंट्स के जरिए उस पैसे को इधर-उधर करने का आरोप है।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारत ने 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक वापस लाया गया है।

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