September 20, 2026

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंपर भर्ती आने वाली है, 85000 वैकेंसी कंफर्म, 1 लाख का टारगेट

भोपाल, 20 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, शपथ ग्रहण के बाद से ही लगातार मध्य प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरी, प्राइवेट नौकरी और रोजगार के लिए काम कर रहे हैं। कमलनाथ सरकार का 27% ओबीसी आरक्षण विवाद और सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन के विवाद के कारण पद रिक्त नहीं हो पा रहे थे। इस साल मुख्यमंत्री ने ताबड़तोड़ प्रमोशन दिए हैं और इसके कारण अब तक 85000 वैकेंसी कंफर्म हो चुकी है। CM एक लाख का टारगेट चाहते हैं। कुल मिलाकर एक बार पक्की है, 2027 में, सरकारी नौकरी के लिए बंपर भर्ती आने वाली है। 

दरअसल, वोट बैंक की राजनीति ने मध्य प्रदेश की व्यवस्था को बर्बादी के कगार पर ला दिया था। कमलनाथ सरकार ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का प्रावधान इतनी तेजी और हड़बड़ी में किया, कि वह तब से लेकर आज तक कोर्ट कचहरी के चक्कर में उलझा हुआ है। संविधान का अध्ययन किए बिना, प्रावधान करना हमेशा हानिकारक होता है। इसके कारण सरकार को तो जनता के वोट मिल जाते हैं, लेकिन व्यवस्था का सत्यानाश हो जाता है। प्रमोशन में आरक्षण मामले में को भी जिस तरीके से उलझाया गया, पूरा मुद्दा ही अपने आप में "बर्र का छत्ता" बन गया था। कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था। कर्मचारियों का प्रमोशन रुक गया तो उनके प्रमोशन के कारण होने वाले रिक्त पदों की घोषणा भी बंद हो गई। प्रॉब्लम यह थी कि कर्मचारी, प्रमोशन वाले पद पर काम कर रहा था परंतु उसकी नियुक्ति प्राथमिक पद पर थी। जब तक उसको विधिवत पदोन्नति नहीं दी जाएगी तब तक, विधिवत पद रिक्त नहीं होगा। विधानसभा में कुल संख्या पूछेंगे तो रिक्त पदों की संख्या मिल जाएगी परंतु यदि भर्ती करनी होगी तो रिक्त पद नहीं दिखाई देंगे क्योंकि प्राथमिक स्तर पर रिक्त पदों की घोषणा नहीं हो पा रही थी। यह अपने आप में एक तकनीकी समस्या है, जनता को समझाना मुश्किल है। 

डॉ मोहन यादव ने बैक टू बैक 3 प्रयास किए और अंततः मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो गई। अब जबकि कर्मचारियों का प्रमोशन हो रहा है तो उनका प्राथमिक पद अपने आप रिक्त घोषित हो जाएगा और रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए वैकेंसी ओपन की जा सकेगी। अब तक 85000 पद रिक्त हो चुके हैं, जिन पर भर्ती की जा सकती है। 

सभी रिक्त पदों पर एक साथ भर्ती क्यों नहीं करते

यहां पर भी सामान्य प्रशासन विभाग का एक नियम सरकार को एक साथ भर्ती करने से रोकता है, और व्यावहारिक तौर पर नियम सही भी है। नियम कहता है कि यदि सरकार एक साथ लाखों कर्मचारियों की भर्ती करेगी तो एक साथ लाखों कर्मचारी रिटायर भी हो जाएंगे। जिस दिन वह रिटायर होंगे, उसे दिन पूरा सिस्टम ठप हो जाएगा। इसलिए भर्ती प्रक्रिया साइकिल की तरह चलना चाहिए। यह इसलिए रुक गई थी क्योंकि, पिछली सरकारों ने प्रमोशन में आरक्षण का विवाद सॉल्व नहीं किया और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के प्रावधान को प्रारंभ से ही विवादित कर दिया।