August 9, 2026

भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर भावुक हुए PM मोदी, राष्ट्रनायकों को किया याद, साहस को किया सलाम| Navbharat Live

Updated On: Aug 09, 2026 | 10:40 AM IST

विज्ञापन

सार

Quit India Movement: भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओम बिरला और जेपी नड्डा ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और उनके साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।

PM Modi On Quit India Movement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

PM Modi On Quit India Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’की 84वीं वर्षगांठ के मौके पर इसमें हिस्सा लेने वाले राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को याद किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आंदोलन में भाग लेने वालों का साहस हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। पीएम ने महात्मा गांधी को भी याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में भाग लेने वाले सभी लोगों को याद करते हैं। उनका साहस हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। महात्मा गांधी के नेतृत्व से प्रेरित होकर ‘भारत छोड़ो’ के आह्वान ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया और औपनिवेशिक शासन से मुक्त होने के हमारे लोगों के अटूट संकल्प को दर्शाया।

Remembering all those who participated in the historic Quit India Movement. Their courage will always remain an inspiration for every Indian. Inspired by the leadership of Mahatma Gandhi Ji, the clarion call of Quit India infused new energy into our freedom struggle and reflected… — Narendra Modi (@narendramodi) August 9, 2026

ओम बिरला ने भी राष्ट्रनायकों को किया याद

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पोस्ट किया, भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर उन सभी राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। महात्मा गांधी का ‘करो या मरो’ का आह्वान उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस और संकल्प की आवाज बना।

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगाँठ पर उन सभी राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। महात्मा गांधी जी का “करो या मरो” का आह्वान उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस और संकल्प की… pic.twitter.com/qVGToAW0qI — Om Birla (@ombirlakota) August 9, 2026

उन्होंने लिखा, इस आंदोलन में असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल यातनाएं सहीं, संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए नहीं था, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए था, जिसकी नींव सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र, समानता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों पर हो। स्वतंत्रता के अमृतकाल में उन महान सेनानियों का स्मरण हमें यह प्रेरणा देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों को निरंतर मजबूत करते रहें।

असंख्य गुमनाम योद्धाओं के अदम्य साहस की अमर गाथा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में आज ही के दिन अगस्त 1942 में प्रारंभ हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय बना। इस ‘अगस्त क्रांति’ ने देशभर में नई चेतना का संचार किया और असंख्य भारतीयों को स्वाधीनता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।

सम्बंधित ख़बरें

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में आज ही के दिन, अगस्त 1942 में प्रारंभ हुआ “भारत छोड़ो आंदोलन” देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय बना। इस अगस्त क्रांति ने देशभर में नई चेतना का संचार किया और असंख्य भारतीयों को स्वाधीनता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की… pic.twitter.com/qMlPYsPrJ4 — Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) August 9, 2026

यह भी पढ़ें- Explainer: भारत के स्वदेशी ड्रोन पर दुनिया की दिलचस्पी, अमेरिका, चीन और ईरान के ड्रोन से कितना अलग है KAL?

उन्होंने आगे लिखा, अगस्त क्रांति’ का इतिहास असंख्य गुमनाम योद्धाओं के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की अमर गाथाओं से समृद्ध है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करती रहेंगी। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि व सादर नमन, जिनके त्याग, साहस और संघर्ष से स्वतंत्र भारत की नींव सुदृढ़ हुई। 

Follow Navbharatlive whatsapp