August 4, 2026

वाह रे सिस्टम...जान जोखिम में डाल उफनते स्टॉप डैम को छलांग लगाकर पार करने को मजबूर स्कूली बच्चे- देखें VIDEO| Navbharat Live

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सार

Vidisha Viral Video: विदिशा में उफनते स्टॉप डैम के बीच जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, तेज बहाव में छलांग लगाकर रास्ता पार करते हैं बच्चे। प्रशासन के दावों पर उठे सवाल।

A viral video from Madhya Pradesh shows school children allegedly risking their lives by jumping across an overflowing stop dam while travelling to and from school, raising serious concerns over public safety and infrastructure

जान जोखिम में डालते बच्चे (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

School Children Risking Their Life Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्कूली बच्चों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते हुए स्टॉप डैम को पार करना पड़ता है।

कंधे पर स्कूल बैग टांगे मासूम तेज बहाव के बीच छलांग लगाकर दूसरी ओर पहुंचते हैं, तभी वे स्कूल जा पाते हैं। बारिश के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि बच्चों के पास इसके अलावा कोई दूसरा सुरक्षित विकल्प नहीं है।

बारिश में बढ़ जाता है खतरा, हर दिन हादसे का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान स्टॉप डैम में पानी का स्तर लगातार बढ़ जाता है, जिससे हालात बेहद जोखिमभरे हो जाते हैं। ऐसे में यदि किसी बच्चे का पैर फिसल जाए या संतुलन बिगड़ जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर सुबह और दोपहर बच्चों को इस खतरनाक रास्ते से गुजरते देख परिजनों की चिंता बढ़ जाती है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। बता दें कि, स्कूली बच्चों का स्टॉप डैम पार करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

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“बच्चों को शिक्षा नहीं, मौत का रास्ता दिया जा रहा है!” मध्य प्रदेश के विदिशा में स्कूली बच्चों को उफनते स्टॉप डैम पर छलांग लगाकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ज़रा सोचिए, अगर एक भी बच्चा फिसल जाए तो उसकी मौत का जिम्मेदार कौन होगा। सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ों के दावे और विज्ञापन… pic.twitter.com/DIDF5hQKcz — Shama Parveen (@ShamaParveen70) August 4, 2026

पुल निर्माण की मांग वर्षों से अधूरी, ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस स्थान पर पुल बनाने की मांग की है। हर बार उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण कर दिया जाता, तो बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल नहीं जाना पड़ता। लगातार अनदेखी के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

यह पूरा मामला बच्चों की सुरक्षा और उनके शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने शासन और जिला प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण या वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।

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उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच यदि बच्चों को शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़े, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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