July 12, 2026

मैं आत्महत्या कर लूंगा…मनमोहन सिंह ने पूर्व CEC से क्यों कहा था ऐसा? SY कुरैशी की किताब में हुआ बड़ा खुलासा| Navbharat Live

Updated On: Jul 12, 2026 | 10:27 PM IST

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सार

SY Quraishi Book: पूर्व CEC एस. वाई. कुरैशी की नई किताब में खुलासा हुआ है कि 2012 में मंत्रियों की बयानबाजी से दुखी होकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भावुकता में उनसे 'आत्महत्या' करने की बात कही थी।

manmohan singh

मनमोहन सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)

विस्तार

Manmohan Singh Suicide Remark: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस. वाई. कुरैशी की आगामी पुस्तक ‘इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर’ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़ा एक भावुक और चर्चित प्रसंग सामने आया है। कुरैशी ने दावा किया है कि वर्ष 2012 में चुनाव आयोग को लेकर कुछ मंत्रियों की बयानबाजी से नाराजगी जताने पर मनमोहन सिंह ने उनसे कहा था, “अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।”

चुनाव आयोग पर टिप्पणी से थे नाराज

कुरैशी के अनुसार, जनवरी 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने चुनावी रैली में मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने का वादा किया था। इस पर भारतीय जनता पार्टी ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद की निंदा की, जो आयोग के पास उपलब्ध सबसे कड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से चुनाव आयोग को लेकर आलोचनात्मक बयान दिए जाने लगे।

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पीएमओ तक पहुंची शिकायत

कुरैशी लिखते हैं कि उन्हें आलोचना से परेशानी नहीं थी, लेकिन संवैधानिक संस्था की साख पर सवाल उठाने वाली बयानबाजी उन्हें आहत कर रही थी। ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव हरीश खरे से अपनी नाराजगी साझा की और कहा कि यह बात प्रधानमंत्री तक पहुंचनी चाहिए।

‘मैं आपसे तुरंत मिलना चाहता हूं’

अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय से कुरैशी को फोन आया। कुछ देर बाद स्वयं मनमोहन सिंह ने उनसे बात करते हुए तत्काल मिलने की इच्छा जताई। शाम को प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में मनमोहन सिंह ने बेहद भावुक अंदाज में कहा, “हरीश ने मुझे बताया कि आपने क्या कहा। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।” कुरैशी के मुताबिक, यह सुनकर वह हैरान रह गए क्योंकि उनकी शिकायत प्रधानमंत्री से नहीं, बल्कि कुछ मंत्रियों के व्यवहार को लेकर थी।

निर्वाचन आयोग लोकतंत्र की आत्मा है

किताब के अनुसार, मनमोहन सिंह ने कहा कि यदि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी होती तो संबंधित मंत्रियों को कड़ी फटकार लगाते। उन्होंने कुरैशी से भविष्य में किसी भी समस्या पर सीधे उनसे संपर्क करने को कहा। इसके बाद उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग केवल भारत का गौरव नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। अगर हमने इसे खो दिया तो हम सबकुछ खो देंगे।”

मुलाकात के बाद थमी बयानबाजी

कुरैशी के अनुसार, इस मुलाकात के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ हो रही सार्वजनिक बयानबाजी लगभग बंद हो गई। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में कई प्रभावशाली लोगों को देखा, लेकिन बहुत कम ऐसे नेता मिले जिन्होंने सत्ता की जिम्मेदारी को इतनी गंभीरता से महसूस किया।

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जल्द आएगी नई किताब

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी की यह पुस्तक “India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir” जल्द ही प्रकाशित होने जा रही है। इसमें उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन के 100 महत्वपूर्ण अनुभवों, संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े प्रसंगों और कई अप्रकाशित राजनीतिक किस्सों का उल्लेख किया है।

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