नागपुर गए ही हैं तो संघभूमि पर जाकर नाक रगड़कर माफ़ी मांगले… नितेश राणे ने संजय राउत को लिखा लेटर
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Written By:
गोरक्ष पोफली
Updated On: Jul 17, 2026 | 03:22 PM IST
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सार
Shivsena UBT Ram Raksha Andolan: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर महाराष्ट्र में घमासान। भाजपा विधायक नितेश राणे ने संजय राउत को पत्र लिखकर दी संघभूमि पर जाकर नाक रगड़कर माफ़ी मांगने की चुनौती।

संजय राउत और नितेश राणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Nitesh Rane Letter To Sanjay Raut: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों भगवान राम और उनके मंदिर के चढ़ावे को लेकर घमासान मचा हुआ है। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर शिवसेना यूबीटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में आज, यानी शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में ठाकरे गुट द्वारा राम रक्षा आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। यह आंदोलन विशेष रूप से राम मंदिर में हुए चंदा चोरी प्रकरण के विरोध में है।
संजय राउत की चिट्ठी और फडणवीस को चुनौती
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र लिखकर न्योता दिया। राउत ने अपने पत्र में चुटकी लेते हुए लिखा कि फडणवीस अक्सर अयोध्या आंदोलन में अपनी भागीदारी का जिक्र करते हैं, लेकिन आज उसी मंदिर में सैकड़ों करोड़ रुपयों के गबन और धोखाधड़ी के आरोप लग रहे हैं।
राउत ने कहा कि राम रक्षा का अर्थ है भगवान राम की रक्षा और चूंकि स्वयं आरएसएस ने इन कथित चोरियों पर दुख जताया है, इसलिए फडणवीस को इस जागरूकता अभियान में शामिल होना चाहिए। इतना ही नहीं, राउत ने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी पत्र लिखकर न्योता भेजा है।
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नितेश राणे का उसी अंदाज में करारा जवाब
संजय राउत के इस पत्र का जवाब भाजपा विधायक नितेश राणे ने बिल्कुल उसी लेटरहेड स्टाइल में पत्र लिखकर दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। नितेश राणे ने अपने पत्र में राउत पर तीखे प्रहार करते हुए उन्हें डर्टी संजय राउत तक कह डाला।
राणे ने अपने पत्र में लिखा कि जो प्रभु श्रीराम पूरी दुनिया की रक्षा करते हैं, उनकी सुरक्षा करने की बात करना हास्यास्पद है। उन्होंने संजय राउत को आड़े हाथों लेते हुए कहा, राम रक्षा पाठ तो दूर, आपने तो किताब में भी राम रक्षा के दो पन्ने नहीं देखे होंगे। राणे ने आरोप लगाया कि अयोध्या के आंदोलन में न तो संजय राउत का कोई योगदान था और न ही उद्धव ठाकरे का। उन्होंने याद दिलाया कि देवेंद्र फडणवीस उन कारसेवकों में से एक हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए लाठियां और गोलियां खाई थीं।
नाक रगड़कर माफी मांगें राउत
नितेश राणे ने अपने पत्र के अंत में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि राउत उन नेताओं की गोद में जाकर बैठ गए हैं जिन्होंने कभी राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाए थे। उन्होंने संजय राउत को चुनौती दी कि यदि वे नागपुर आ ही रहे हैं, तो उन्हें संघभूमि पर जाकर अपनी नाक रगड़नी चाहिए और अब तक किए गए अपने पापों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
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क्या है असली विवाद?
गौरतलब है कि राम मंदिर के दान में हेराफेरी का मामला पिछले महीने गरमाया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया। जांच के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब शिवसेना यूबीटी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा इसे केवल राजनीति से प्रेरित बता रही है। नागपुर में आज होने वाला यह प्रदर्शन और नेताओं के बीच चल रही यह चिट्ठी वाली जंग आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति को और भी गरमा सकती है।
