सुरजन सिंह पिछले तीन महीने से खुद को सरकारी कागजों में जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। जिसके बाद SDM डॉ. हन्नी बंसल के अनुसार मामला समाधान के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है और जल्द ही पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया गया है।
फरीदाबाद में 80 साल के बुजुर्ग की सरकारी रिकॉर्ड में हुई मौत।
- Published: 21 Sep 2026, 11:28 AM IST
- Last Updated: 21 Sep 2026, 11:28 AM IST
फरीदाबाद में 80 साल के बुजुर्ग की सरकारी रिकॉर्ड में मौत: हरियाणा के फरीदाबाद में सरकारी रिकॉर्ड की एक ऐसी गड़बड़ी सामने आई है, जिसने 80 वर्षीय सुरजन सिंह को परेशान कर दिया है। पेंशन रिकॉर्ड में उन्हें 26 मार्च 2025 को मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पत्नी के साथ अपने घर में रह रहे हैं। रिकॉर्ड में मृत दिखाए जाने के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। अब करीब तीन महीने से वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
NIT-5 निवासी सुरजन सिंह को हर महीने करीब 3 हजार रुपए वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। उनके बैंक खाते में करीब 50 हजार रुपए जमा थे। करीब तीन महीने पहले खाते में रकम खत्म होने के बाद जब वह SBI पहुंचे, तो पता चला कि करीब डेढ़ साल से पेंशन खाते में नहीं आई है।
इसके बाद सुरजन सिंह सेक्टर-15 स्थित पेंशन कार्यालय पहुंचे। वहां रिकॉर्ड देखने पर कर्मचारियों ने बताया कि पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु 26 मार्च 2025 को दर्ज है। सुरजन सिंह का कहना है कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि उन्हें मृत दर्ज करने के लिए किस दस्तावेज या रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया।
तीन महीने से सुरजन सिंह लगा रहे हैं दफ्तरों के चक्कर
सुरजन सिंह के मुताबिक वह पिछले करीब तीन महीने से अपनी पेंशन बहाल कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उम्र अधिक होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी सहारे की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह तीसरी बार है जब उन्हें अधिकारियों के सामने अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है। परेशान होकर उन्होंने कहा, “मैं चक्कर काट-काटकर थक गया हूं... साहब, अब तो जिंदा मान लो।”
समाधान शिविर में भी नहीं हुआ निपटारा
पेंशन विभाग के कर्मचारियों ने सुरजन सिंह को 17 सितंबर को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में शिकायत देने के लिए भेजा। उन्होंने वहां पेंशन रिकॉर्ड ठीक कराने और पेंशन बहाल करने की मांग की। शिकायत दर्ज की गई, लेकिन मौके पर समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्हें आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
पेंशन ID में दिखाया मृत, PPP में जिंदा
सुरजन सिंह के मामले में सरकारी रिकॉर्ड के दो हिस्सों में अंतर सामने आया है। उनके अनुसार पेंशन ID में उन्हें मृत दिखाया गया है, जबकि परिवार पहचान पत्र (PPP) में वह जीवित दर्ज हैं।
सुरजन सिंह का सवाल है कि जब PPP रिकॉर्ड में वह जिंदा हैं तो पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु की एंट्री किस आधार पर की गई। उनका कहना है कि मृत्यु दर्ज करने के लिए सामान्य तौर पर संबंधित दस्तावेजों और डेथ सर्टिफिकेट जैसी प्रक्रिया का पालन किया जाता है, लेकिन उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई कि उनके मामले में किस आधार पर मृत्यु दर्ज हुई।
पत्नी के रिकॉर्ड में आय बढ़ने का भी लगाया आरोप
सुरजन सिंह ने अपनी पत्नी प्रीतम कौर के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पत्नी की उम्र भी करीब 80 वर्ष है और वह बीमार रहती हैं। सुरजन सिंह के मुताबिक PPP में पहले पत्नी की आय 1.80 लाख रुपए दर्ज थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उनकी अपनी आय भी रिकॉर्ड में 3 लाख रुपए दर्ज दिखाई जा रही है, जबकि ऑक्यूपेशन में उन्हें पेंशनर बताया गया है। उन्होंने आय में बदलाव के आधार पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
SDM ने जल्द समाधान होने का दिया आश्वासन
मामले में SDM डॉ. हन्नी बंसल ने बताया कि सुरजन सिंह की शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है। विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामला चंडीगढ़ भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बुजुर्ग की समस्या का समाधान हो जाएगा।
वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) ममता शर्मा से मामले में पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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