किशोर कुमार न सिर्फ अपने गानों के लिए मशहूर थे, बल्कि उनका अटपटा स्वभाव भी अक्सर सभी को हैरान कर देता था। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पढ़ें उनसे जुड़ ...और पढ़ें

किशोर कुमार बर्थ एनिवर्सरी/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। किशोर कुमार (Kishore Kumar) हिंदी सिनेमा के एक ऐसे दिग्गज सिंगर थे, जिनकी आवाज आज भी लोगों के कानों में गूंजती है। उनके गाने यूट्यूब पर आज भी काफी सुने जाते हैं। एक्टिंग से लेकर सिंगिंग की दुनिया तक में अपना लोहा मनवाने वाले किशोर कुमार अपने दौर के सबसे जिद्दी सिंगर्स में से एक थे। जो उन्होंने ठान लिया वह करते ही थे और अपनी बात मनवाना भी उन्हें बखूबी आता था।
4 अगस्त 1929 को जन्मे किशोर कुमार के गानों के बारे में तो फैंस काफी कुछ जानते हैं, लेकिन आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है।
क्यों ऑल इंडिया रेडियो पर बैन हुए थे किशोर कुमार?
बचपन से ही किशोर कुमार सिंगर बनना चाहते थे। उनके बड़े भाई अशोक कुमार हिंदी सिनेमा में पहले से ही एक स्टार थे। हालांकि, म्यूजिक की ट्रेनिंग लिए बिना ही बॉलीवुड में हाथ आजमाने आए किशोर कुमार ने भाई की सलाह पर एक्टिंग की, लेकिन उन्हें वह सफलता नहीं मिली, जो अशोक कुमार को मिली थी। साल 1948 में उन्हें फिल्म 'जिद्दी' में पहली बार प्लेबैक सिंगिंग का मौका मिला। गाने की वजह से उन्हें म्यूजिक की दुनिया में एंट्री तो मिली, लेकिन वह सफलता नहीं मिली जिसका उन्हें इंतजार था।
उन्हें असली पहचान 1969 में आई फिल्म 'आराधना' से मिली, जिसमें उनका गाना 'मेरे सपनों की रानी' एक बड़ा हिट साबित हुआ। इस गाने के बाद राजेश खन्ना और किशोर कुमार की जोड़ी छा गई। साल 1975 में जब देश में इमरजेंसी का दौर शुरू हुआ, उस दौरान सरकार ने उनसे ऑल इंडिया रेडियो पर गाना गाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इस कारण उन्हें ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन दोनों पर ही बैन कर दिया गया।

8 हजार न मिलने पर निर्माता के घर के बाहर किया तमाशा
किशोर कुमार अपने दौर के सबसे मूडी सिंगर्स में से एक रहे हैं। एक बार उन्होंने उस समय के निर्माता आर.सी. तलवार के घर के बाहर खूब तमाशा किया था। दरअसल, प्रोड्यूसर तलवार को किशोर कुमार के 8 हजार रुपये देने थे, जो बकाया थे। उस समय किशोर कुमार अक्सर उनके घर के बाहर जाते और नाच-नाचकर चिल्लाते, "ए तलवार, दे दे मेरे आठ हजार।" इतना ही नहीं, किशोर कुमार के घर के बाहर 'Beware Of Kishore Kumar' का बोर्ड भी लगा हुआ था।

एक बार डायरेक्टर एच.एस. रावल किशोर कुमार के घर पहुंचे, तो सिंगर ने उनके हाथ पर काट लिया। जब निर्देशक ने उनसे पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो किशोर कुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि क्या उन्होंने बाहर लिखा बोर्ड नहीं पढ़ा? किशोर कुमार ने हिंदी सिनेमा को 'मेरे सपनों की रानी' के अलावा 'रूप तेरा मस्ताना', 'पल-पल दिल के पास' और 'ओ मेरे दिल के चैन' जैसे कई सदाबहार गाने दिए हैं।