वैशाली के लालगंज में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल का बीम लॉन्चर अचानक गिर गया। इसमें कई कर्मचारी घायल हो गए। घायलों को तुरंत लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में 6 कर्मचारियों का इलाज किया गया, जबकि 2 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर
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भारतमाला परियोजना के तहत NH-139W फोरलेन रोड का निर्माण हो रहा है। एकलव्य कंस्ट्रक्शन कंपनी 6 हजार करोड़ की लागत की परियोजना का निर्माण कर रही थी। हादसा लालगंज थाना क्षेत्र एतवारपुर गांव के सती स्थान के पास हुआ।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गए। हादसे की वजह जानने के लिए जांच की जा रही है। निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मौके से आई तस्वीरें देखिए…

पुल का लॉन्चर गिरने से 8 कर्मचारी घायल हुए। टूटकर लटका लॉन्चर का हिस्सा।

ऊपर फंसे कर्मचारी को पानी पिलाते ग्रामीण।

हादसे की जानकारी लगते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

घायल कर्मचारियों का अस्पताल में इलाज जारी है।
आखों देखी: हादसे के बाद अधिकारी मौके से भाग निकले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 10 से 10.15 बजे के बीच अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
मौके पर मजदूर फंसे हुए थे और चीख-पुकार मची हुई थी। हादसे के बाद निर्माण कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर मौके से निकल गए, जबकि मजदूरों को निकालने के लिए स्थानीय लोग और प्रशासन जुटे रहे।
करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोहा काटकर एक मजदूर को बाहर निकाला गया। काफी देर तक पुलिस प्रशासन के लोग भी नहीं पहुंच थे। बाद में सूचना मिलने लालगंज पुलिस और प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
राहत एवं बचाव के प्रयास के बाद घायलों को इलाज के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बोरी में भरकर मजदूरों को अस्पताल ले गए
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल गिरने से 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सभी अधिकारी मौके से फरार हो गए। फोन करने पर भी अधिकारी रिस्पॉन्स नहीं दे रहे हैं। इस हादसे में कई लोगों की मौत की भी आशंका है।
हमारा गांव घटनास्थल से 1 किमी दूरी पर है। हमलोग जब तक यहां पहुंचे लोगों को बोरे में भरकर स्कॉर्पियों से यहां से ले जाया चुका है।
अभी भी एक मजदूर ऊपर फंसा हुआ है। पुलिस JCB से लॉन्चर को हटाने का प्रयास कर रही है। अगर उसका कोई हिस्सा फिर से टूटकर गिर गया तो यहां मौजूद लोगों की भी जान को खतरा है।

पुल बनाने के लिए लॉन्चर लगाया गया था जिसका एक हिस्सा टूट गया।
लोग बोले- हादसे की जांच होनी चाहिए
स्थानीय निवासी पप्पू कुमार, इंद्रजीत शुक्ला, सोनू कुमार, नवनीत कुमार समेत अन्य लोगों ने घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था, इसकी जांच होनी चाहिए।

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पुल का लॉन्चर क्या होता है?
पुल का लॉन्चर (जिसे ब्रिज गर्डर लॉन्चर या लॉन्चिंग गैन्ट्री भी कहा जाता है) एक भारी और विशेष प्रकार की मशीन होती है। इसका उपयोग पुल निर्माण के दौरान कंक्रीट या स्टील के बड़े-बड़े गर्डरों (बीम) को पुल के खंभों (पियर्स) पर सुरक्षित रूप से रखने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग वहां किया जाता है जहां जमीन पर क्रेन ले जाना मुश्किल होता है- जैसे नदी, गहरी खाई या व्यस्त सड़क के ऊपर पुल बनाना।