July 29, 2026

छत्रपति संभाजीनगर: फर्जी दस्तावेजों के सहारे डेढ़ करोड़ की जमीन हड़पने की साजिश, 8 लोगों पर धोखाधड़ी का केस| Navbharat Live

Updated On: Jul 29, 2026 | 03:19 PM IST

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सार

Chhatrapati Sambhajinagar News: गंगापुर तहसील के गुरुधानोरा में डेढ़ करोड़ की कृषि भूमि के जाली दस्तावेज बनाकर कब्जे की कोशिश का पर्दाफाश हुआ है। वालूज पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

Chhatrapati Sambhajinagar land fraud case

छत्रपति संभाजीनगर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे डेढ़ करोड़ की जमीन हड़पने की साजिश (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Chhatrapati Sambhajinagar Land Fraud: छत्रपति संभाजीनगर जिले की गंगापुर तहसील अंतर्गत गुरुधानोरा गांव से भू-माफिया द्वारा जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। यहां लगभग 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की 93 गुंठे (सवा दो एकड़ से अधिक) उपजाऊ कृषि भूमि के फर्जी खरीद-बिक्री दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से कब्जा करने की गंभीर साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। पीड़ित जमीन मालिक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वालूज पुलिस स्टेशन में 8 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने जैसी गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।

2007 से था जमीन पर वैध कब्जा

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता राजू उर्फ राजकुमार अल्गर स्वामी ने साल 2007 में अपने भाई पन्नु अल्गर स्वामी के साथ मिलकर गट क्रमांक 84 की 5 एकड़ 25 गुंठे भूमि खरीदी थी। भूमि की खरीद के बाद चारों ओर सीमेंट के खंभों और तारबंदी के साथ स्वामित्व का बोर्ड भी लगाया गया था। पिछले कई वर्षों से इस जमीन पर खेती की जा रही थी तथा वर्ष 2016 में भूमि अभिलेख विभाग द्वारा इसकी अधिकृत माप भी कराई गई थी।

रातों-रात बाड़ तोड़कर शुरू किया अवैध काम

शिकायत के अनुसार 26 फरवरी 2026 को कुछ लोगों ने तार से बनी पुरानी बाड़ को तोड़कर नया घेरा बनाना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता पक्ष मौके पर पहुंचा तो मजदूरों ने बताया कि यह काम फिरोजखां नबीखां पठाण के कहने पर किया जा रहा है। कुछ देर बाद फिरोज पठाण, शरद भाऊसाहेब पवार और ज्ञानेश्वर जगन्नाथ मोगल भी वहां पहुंचे और जमीन अपनी होने का दावा करने लगे।

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गलत सीमाएं दर्शाकर रची जमीन हड़पने की साजिश

जब पीड़ित पक्ष ने इस मामले की गहराई से पड़ताल की, तो एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा हुआ। आरोपियों ने जमीन की गलत सीमाएं दर्शाकर 38 गुंठे और 55 गुंठे के दो अलग-अलग जाली विक्रय पत्र (Sale Deed) तैयार करवा लिए थे। इसके बाद इस कुल 93 गुंठे जमीन को पूरी तरह फिरोज पठाण के नाम पर ट्रांसफर कराने की कानूनी साजिश रची जा रही थी।

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वालूज पुलिस ने पीड़ित राजू अल्गर स्वामी की शिकायत के आधार पर फिरोजखां नबीखां पठाण, शरद भाऊसाहेब पवार, ज्ञानेश्वर जगन्नाथ मोगल, रामेश्वर काकासाहेब चिडे, हरिचंद्र फकीरराव चक्रनारायण, रंजना हरिचंद्र चक्रनारायण, शांताबाई फकीरराव चक्रनारायण तथा नंदू फकीरराव चक्रनारायण के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक संभाजी गोरे कर रहे हैं।

-नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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