August 21, 2026

फरीदकोट में 75 एमजी से अधिक प्रेगाबालिन की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध

August 21, 2026

फरीदकोट में 75 एमजी से अधिक प्रेगाबालिन की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध

फरीदकोट: जिले में प्रेगाबालिन दवा के दुरुपयोग को रोकने और नशे की बिक्री के खिलाफ पंजाब सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट राहुल चाबा, आईएएस ने सख्त आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी ये आदेश 3 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

75 एमजी से अधिक प्रेगाबालिन पर रोक

जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार फरीदकोट जिले में 75 एमजी से अधिक मात्रा वाली प्रेगाबालिन की गोलियों और कैप्सूल के भंडारण तथा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

वहीं, 75 एमजी तक की प्रेगाबालिन भी केवल योग्य डॉक्टर की वास्तविक पर्ची के आधार पर ही मरीजों को दी जा सकेगी।

मेडिकल स्टोर को रखना होगा पूरा रिकॉर्ड

आदेश के तहत थोक विक्रेताओं, रिटेल मेडिकल स्टोर, दवा विक्रेताओं और अस्पतालों के भीतर संचालित मेडिकल स्टोरों के लिए प्रेगाबालिन की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है।

दवा देते समय डॉक्टर की मूल पर्ची पर मेडिकल स्टोर का नाम, दवा देने की तारीख और दी गई गोलियों या कैप्सूल की संख्या दर्शाने वाली मुहर लगानी होगी।

एक ही पर्ची पर दोबारा नहीं मिलेगी दवा

दवा विक्रेताओं को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस डॉक्टर की पर्ची के आधार पर दवा दी जा रही है, उसी पर्ची पर किसी अन्य मेडिकल स्टोर द्वारा पहले दवा न दी गई हो।

इसके अलावा डॉक्टर द्वारा निर्धारित अवधि से अधिक मात्रा में प्रेगाबालिन देना भी प्रतिबंधित रहेगा।

300 एमजी वाली दवा के दुरुपयोग पर चिंता

जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रेगाबालिन की बाजार में आसान उपलब्धता और बड़े स्तर पर इसके कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था।

इसके बाद सिविल सर्जन फरीदकोट की अगुवाई में एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 75 एमजी से अधिक मात्रा वाली प्रेगाबालिन, विशेषकर 300 एमजी की गोलियों और कैप्सूलों के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई और व्यापक जनहित में इनकी बिक्री पर रोक लगाने की सिफारिश की।

डॉक्टरों और केमिस्ट एसोसिएशन ने भी की सख्ती की मांग

भारतीय चिकित्सा संस्थान और फरीदकोट केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में भी 75 एमजी से अधिक मात्रा वाली प्रेगाबालिन के दुरुपयोग की बात सामने आई। प्रतिनिधियों ने इसकी बिक्री को सख्ती से नियंत्रित करने की सिफारिश की थी।

मरीजों के लिए सीमित छूट

जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि आदेशों का उद्देश्य वास्तविक जरूरत वाले मरीजों को आवश्यक दवा से वंचित करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रेगाबालिन के गलत इस्तेमाल और इसे आदतन नशे के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।

जिन मरीजों को चिकित्सकीय रूप से अधिक मात्रा वाली प्रेगाबालिन की जरूरत है, उनकी सुविधा के लिए सिविल अस्पताल फरीदकोट में जिला रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित दवा केंद्र को सीमित छूट दी गई है।

रेड क्रॉस के सचिव को प्रेगाबालिन की सभी मात्रा की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखने तथा आदेश की अन्य शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दवा विक्रेताओं से सख्ती से पालन की अपील

जिला मजिस्ट्रेट ने सभी दवा विक्रेताओं को आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी दवा का सेवन केवल योग्य डॉक्टर की सलाह और निर्धारित पर्ची के अनुसार ही करें।

📍 Location: Faridkot (Faridkot)