August 22, 2026

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर: 716.9 अरब डॉलर के साथ अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर: 716.9 अरब डॉलर के साथ अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत

Published: Saturday, August 22, 2026, 14:26 [IST]

मुंबई: 14 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 716.9 अरब डॉलर के नए स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 21 अगस्त को आंकड़े जारी करते हुए इसमें 9.9 अरब डॉलर की बड़ी बढ़त दर्ज की। पिछले हफ्ते से जारी यह तेजी भारतीय रुपये के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस उछाल से कच्चे तेल के कारण होने वाले आउटफ्लो और डॉलर की मजबूती का सामना करने में मदद मिलेगी।

इस दौरान फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) 7.23 अरब डॉलर बढ़कर 581.85 अरब डॉलर हो गए। वहीं, रिजर्व बैंक का गोल्ड रिजर्व भी 2.68 अरब डॉलर चढ़कर 111.42 अरब डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर के स्थिर होने से नए निवेश और वैल्यूएशन में सुधार, दोनों ने इस तेजी को रफ्तार दी। शुक्रवार तक ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के करीब और डॉलर इंडेक्स 98.8 के आसपास बना हुआ था।

India Forex Reserves Hit Record High of $716.9 Billion: RBI Data and Economic Impact Analysis 2026

फॉरेक्स रिजर्व: हिस्सेदारी और बढ़त की वजहें

लगातार दो हफ्तों से आ रही यह तेजी जून में उठाए गए उन कदमों का नतीजा है, जिनके जरिए फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स और रियायती स्वैप को बढ़ावा दिया गया था। रिजर्व बैंक के मुताबिक, 31 जुलाई तक इस विंडो के जरिए 40.82 अरब डॉलर का इनफ्लो आया। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि पूरी अवधि के दौरान कुल 80 से 85 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह आ सकता है। इससे बैंकों में नकदी (लिक्विडिटी) की स्थिति सुधरेगी और रुपये में उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिलेगी।

घटककुल स्तरसाप्ताहिक बदलाव
कुल विदेशी मुद्रा भंडार$716.9 अरब+$9.9 अरब
फॉरेन करेंसी एसेट्स$581.85 अरब+$7.23 अरब
गोल्ड रिजर्व$111.42 अरब+$2.68 अरब
इम्पोर्ट कवर (हफ्तों में, जुलाई मर्चेंडाइज आयात के आधार पर)≈41
अनुमान: जुलाई मर्चेंडाइज आयात$76.22 अरब

रुपया, इम्पोर्ट कवर और बाहरी कर्ज

21 अगस्त को सीमित दायरे में कारोबार के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.7 के स्तर पर बंद हुआ। जुलाई के 76.22 अरब डॉलर के मर्चेंडाइज आयात के हिसाब से देखें, तो मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार से लगभग 41 हफ्तों का आयात आसानी से किया जा सकता है। इससे पहले के आधिकारिक आंकड़ों में 11 महीने से ज्यादा के इम्पोर्ट कवर का संकेत मिला था। तब यह भंडार भारत के कुल बाहरी कर्ज के करीब 97 फीसदी के बराबर था, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

फॉरेक्स रिजर्व: अगले हफ्ते इंपोर्टर्स और बैंकों पर क्या होगा असर?

इंपोर्टर्स के लिए यह मजबूत बफर लैंडेड कॉस्ट और हेज रेशियो को काबू में रखने में मददगार हो सकता है, बशर्ते ब्रेंट क्रूड और डॉलर इंडेक्स में थोड़ी नरमी बनी रहे। स्वैप मार्केट स्थिर होने से विदेशी कर्ज लेने वालों को बेहतर और स्थिर दरें मिल सकती हैं। वहीं, बैंकों के पास रोजमर्रा के कामकाज के लिए डॉलर की पर्याप्त लिक्विडिटी रहेगी। सोमवार को बाजार की शुरुआत के लिए 94 डॉलर के पास ब्रेंट क्रूड, 98.8 के करीब डॉलर इंडेक्स (DXY) और FCNR इनफ्लो पर नजर रखनी होगी।

Story first published: Saturday, August 22, 2026, 14:26 [IST]

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