गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला जिले में दोस्ती जैसा पवित्र रिश्ता तार-तार हो गया. गुमला से सटी पुग्गु खोपाटोली गांव में दोस्ती के रिश्ते को कलंकित करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. खबर है कि सिर्फ 7000 रुपये की खातिर दोस्त ने अपने ही दोस्त की जान ले ली. पुराने लेन-देन के विवाद में एक दोस्त ने अपने ही घनिष्ठ मित्र की सोते समय पत्थर के भारी सिलबट्टे (सिल्लोड) से सिर कुचलकर हत्या कर दी.
दोस्त को मारने के बाद थाने में किया समर्पण
दोस्त की जान लेने के बाद आरोपी खुद सदर थाना पहुंचा और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. मृतक की पहचान गांव निवासी 42 वर्षीय अनुभूषण टोप्पो के रूप में हुई है, जबकि हत्या का आरोप उसके मित्र जगन्नाथ उरांव उर्फ बोचे पर है. सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
मुंबई से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, अनुभूषण टोप्पो और जगन्नाथ उरांव लंबे समय से घनिष्ठ मित्र थे. दोनों जून महीने में मुंबई से मजदूरी कर गांव लौटे थे और खेती-बाड़ी का काम कर रहे थे. दोनों के बीच पैसों का लेन-देन भी था. बताया जाता है कि करीब पांच साल पहले अनुभूषण ने जगन्नाथ से 7000 रुपये उधार लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी.
पहले से बनाई थी हत्या की योजना
आरंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पिछले एक सप्ताह से हत्या की योजना बना रहा था. गुरुवार रात उसने अपने मित्र को बहाने से घर बुलाया. दोनों ने साथ खाना खाया और दोनों एक ही कमरे में सो गए. देर रात करीब डेढ़ बजे जब अनु भूषण गहरी नींद में था, तभी जगन्नाथ ने पत्थर के बड़े सिलबट्टे से उसके सिर पर कई वार कर दिए. गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद दूसरे घर में जाकर सोया, सुबह पहुंचा थाने
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से निकल गया और गांव के ही एक दूसरे घर में जाकर रात बिताई. शुक्रवार सुबह वह सीधे सदर थाना पहुंचा और पुलिस के सामने हत्या की बात कबूलते हुए आत्मसमर्पण दिया. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी.
मानसिक स्थिति को लेकर भी चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से जगन्नाथ का व्यवहार असामान्य हो गया था. वह अपनी पत्नी पर बेवजह शक करता था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था. इसी कारण उसकी पत्नी अलग रह रही थी. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मानसिक स्थिति के दावे की भी पड़ताल की जा रही है.
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जगन्नाथ के भाई भी बुजुर्ग की ले चुका है जान
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का भाई ललित उरांव भी करीब पांच साल पहले बरिसा गांव में एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में जेल जा चुका है. हाल ही में वह जेल से बाहर आया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे की परिस्थितियों की गहन जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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