September 18, 2026

70% अंक वाले टॉपर्स को आज मिलेगी स्कूटी: खाते में आएगी राशि; पहले खरीदी तो छात्र-पालक और DEO पर कार्रवाई - Bhopal News

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज स्टूडेंट्स को रुपए ट्रांसफर करेंगे। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को प्रदेश के 7,400 से ज्यादा विद्यार्थियों को ई-स्कूटी और मोटराइज्ड वाहन की सौगात देंगे। वे भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बच्चों के खाते में

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इस बार मध्य प्रदेश के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में पात्रता के नियम बदले गए हैं।

2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य है।

पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद का वाहन चुन सकेगा। मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90 हजार और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम ₹1.20 लाख की राशि निर्धारित है।

पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद का वाहन चुन सकेगा। मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90 हजार और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम ₹1.20 लाख की राशि निर्धारित है।

स्कूल में फर्स्ट और 70% अंक जरूरी मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों के नियमित विद्यार्थियों को मिलेगा। पात्रता के लिए विद्यार्थी को…

  • 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में पास करना होगा।
  • कम से कम 70% अंक हासिल करने होंगे।
  • अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना होगा।
  • योजना का लाभ सभी संकायों के पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा।

बता दें कि पहली बार 70% न्यूनतम अंक की शर्त जोड़ी गई है। जुलाई 2026 के शासन आदेश के अनुसार योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति भी दी गई है।

ई-स्कूटी के लिए 1.20 लाख, मोटराइज्ड वाहन के लिए 90 हजार

  • पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद का निर्धारित वाहन चुन सकेंगे।
  • ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी।
  • मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए तक की राशि दी जाएगी।

बता दें कि इस राशि में वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के साथ रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, दो हेलमेट और एसेसरीज का खर्च भी शामिल रहेगा।

पहले वाहन खरीदा तो कार्रवाई विभाग ने वाहन खरीदने की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विद्यार्थी के बैंक खाते में योजना की राशि आने से पहले वाहन खरीदना नियमों के खिलाफ होगा।

यदि किसी विद्यार्थी ने राशि खाते में आने से पहले वाहन खरीद लिया, तो उसके साथ उसके पालक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

ऐसे होगा वाहन का चयन विद्यार्थी को वाहन विक्रेता के शोरूम से कोटेशन लेना होगा। इसमें वाहन की एक्स-शोरूम कीमत, रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एसेसरीज की पूरी जानकारी होगी।

यह कोटेशन स्कूल के प्राचार्य को देना होगा। प्राचार्य इसे संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजेंगे। इसके आधार पर स्वीकृत राशि विद्यार्थी के खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

मनमर्जी से बाइक नहीं खरीद सकेंगे विद्यार्थियों को योजना के तहत निर्धारित श्रेणी का ही वाहन खरीदना होगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोटेशन में निर्धारित वाहन के अलावा कोई दूसरा वाहन शामिल न हो।

आदेश में मोटर बाइक आदि के चयन से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं।

खाते में राशि आने के बाद ही होगी खरीदारी योजना की राशि पहले विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद ही विद्यार्थी वाहन खरीद सकेगा। राशि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कोषालय के माध्यम से विद्यार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

यदि विद्यार्थी का अपना बैंक खाता नहीं है, तो राशि माता-पिता या अभिभावक के खाते में भी भेजी जा सकेगी। इसके लिए बैंक खाते का आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है।

विद्यार्थी की बैंक पासबुक के पहले पेज की कॉपी में खाता नंबर और IFSC कोड दर्ज होना चाहिए। यह जानकारी विभागीय पोर्टल पर भी दर्ज की जाएगी।

डीलर करेगा रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस वाहन के रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एसेसरीज की राशि संबंधित वाहन विक्रेता के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद डीलर रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस समेत अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी करेगा।

विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वितरण समारोह के दिन संबंधित विद्यार्थियों के लिए वाहन उपलब्ध रहना चाहिए।

कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति करेगी निगरानी योजना की पूरी प्रक्रिया के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। इसमें जिला परिवहन अधिकारी और जिला कोषालय अधिकारी सदस्य होंगे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव रहेंगे।

यह समिति वाहन के चयन, भुगतान और वितरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगी।