October 9, 2026

रसोइये के बेटे का शानदार बिजनेस आइडिया, 70 हजार लगाकर कमा रहा है महीने के 60,000 रुपए! इंटरनेट पर छाई सक्सेस स्टोरी

रसोइये के बेटे का शानदार बिजनेस आइडिया, 70 हजार लगाकर कमा रहा है महीने के 60,000 रुपए! इंटरनेट पर छाई सक्सेस स्टोरी

रसोइये के बेटे ने मोबाइल एक्सेसरीज बिजनेस से बदल दी अपनी तकदीर (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit source: Pexels

कभी-कभी एक छोटी सी शुरुआत भी आपकी पूरी जिंदगी बदल देती है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक रसोइये के बेटे की कहानी खूब वायरल हो रही है. उसने साबित कर दिया कि सफल होने के लिए बड़ी डिग्री या बहुत सारे पैसे की नहीं, बल्कि सही सोच और मेहनत की जरूरत होती है. आइए जानते हैं इस वायरल कहानी के बारे में, जिसने इंटरनेट पर धूम मचा रखी है.

साधारण नौकरी से बड़े बिजनेस तक का सफर

यह कहानी तब शुरू हुई जब एक X यूजर @CapitalLens_ ने अपने घर के रसोइये से उनके परिवार की कमाई के बारे में पूछा. यूजर को लगा कि शायद उनका बेटा मोबाइल रिपेयर की किसी छोटी दुकान पर काम करता होगा. लेकिन रसोइये के जवाब ने उन्हें चौंका दिया. उन्होंने गर्व से बताया कि उनका बेटा नौकरी नहीं करता, बल्कि टेम्पर्ड ग्लास (Tempered Glass) बनाने का अपना खुद का बिजनेस चलाता है और हर महीने अच्छी कमाई कर रहा है.

सिर्फ 70,000 की मशीन से बदल गई किस्मत

इस बिजनेस की शुरुआत बहुत कम पैसे से हुई थी. युवक ने सिर्फ 70,000 रुपए में एक ग्लास काटने वाली मशीन खरीदी. उसके बाद उसने मोबाइल एक्सेसरीज का काम शुरू कर दिया. वह अपने फोन को मशीन से जोड़ता है, ग्राहक के फोन का मॉडल चुनता है और सिर्फ 30 सेकंड में नया टेम्पर्ड ग्लास बनकर तैयार हो जाता है.

इस बिजनेस में मुनाफा भी खूब है. एक टेम्पर्ड ग्लास बनाने में सिर्फ 8 से 10 रुपए का खर्च आता है, जिसे वह आस-पास की दुकानों पर 25 से 30 रुपए में थोक में बेच देता है. कम लागत और तेज प्रोडक्शन की वजह से यह युवक आज हर महीने 50,000 से 60,000 रुपए का शुद्ध मुनाफा कमा रहा है.

नए सरकारी नियम और आगे की राह

इस सफलता के बीच एक नई चुनौती भी सामने आई है. हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने स्क्रीन प्रोटेक्टर्स (Screen Protector) के लिए सख्त नियम लागू किए हैं. नए नियमों के अनुसार अब टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड को BIS के रजिस्ट्रेशन में लाया गया है.

अब बनाने और बेचने वालों को IS 19348:2025 मानक के हिसाब से अपने प्रोडक्ट की टेस्टिंग करानी होगी. इसमें ग्लास की मजबूती, मोटाई और क्वालिटी की जांच होगी. हालांकि छोटे व्यापारियों के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा के लिहाज से यह एक अच्छा कदम माना जा रहा है.

Today I casually asked my house cook how he manages his family financially.

He said, I earn, and my son also runs a tempered glass business.

I assumed he had a small mobile repair shop.

He said, No, he manufactures tempered glass.

Curious, I asked him to bring his son over.

Next day: ↓↓↓

— Pratham (@CapitalLens_) October 7, 2026

Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय TV9 भारतवर्ष के डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं और ट्रेंडिंग टीम को लीड कर रहे हैं. पत्रकारिता में उन्हें 15 साल से ज्यादा का अनुभव है. इस दौरान उन्होंने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों में काम किया है. उनके करियर की शुरुआत 2009 में भोपाल के पीपुल्स समाचार से हुई थी, जहां उन्होंने प्रिंट मीडिया की बारीकियां सीखीं. इसके बाद वे लंबे समय तक दैनिक भास्कर ग्रुप से जुड़े रहे. यहां उन्होंने अखबार और वेबसाइट दोनों पर अहम जिम्मेदारियां निभाईं, जिससे उन्हें पुराने और नए दोनों तरह के मीडिया का अच्छा अनुभव मिला. फिर उन्होंने अहमदाबाद के जानो दुनिया न्यूज चैनल में काम किया और टीवी मीडिया को समझा. फिलहाल वे TV9 भारतवर्ष में डिजिटल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. अभिषेक को देश-दुनिया की राजनीति, विदेशी मामलों और वैश्विक कूटनीति की गहरी समझ है. वे खबरों का बारीक विश्लेषण करते हैं और डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को भी अच्छी तरह समझते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबर देना नहीं है, बल्कि लोगों को ऐसा सच्चा और अलग कंटेंट देना है जो उनकी सोच को बड़ा बनाए और हर मुद्दे को साफ नजरिए से देखने में मदद करे. काम से समय मिलने पर उन्हें घूमना पसंद है. वह अक्सर पहाड़ों की शांत वादियों में जाना पसंद करते हैं.

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