विज्ञापन
सार
Bhopal Protest News: प्रदेश के लोकल यूथ सर्वेयरों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर विधानसभा सत्र में भोपाल से दिल्ली के जंतर-मंतर तक आंदोलन करने का ऐलान किया।

प्रेस वार्ता (फोटो सोर्स- नवभारत)
विस्तार
MP Local Youth Surveyor Protest: मध्यप्रदेश के लोकल यूथ सर्वेयरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। लोकल यूथ महासंघ मध्यप्रदेश ने ऐलान किया है कि यदि विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन भोपाल से शुरू होकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचाया जाएगा।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र गोस्वामी ने बताया कि विधानसभा सत्र शुरू होते ही प्रदेशभर के हजारों लोकल यूथ सर्वेयर भोपाल पहुंचकर विधानसभा गेट पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन का विस्तार करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 70 हजार से अधिक लोकल यूथ सर्वेयरों का विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा
वीरेंद्र गोस्वामी ने आरोप लगाया कि संगठन लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगें और समस्याएं रखता आ रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि लगातार अनदेखी के कारण युवाओं को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
नियम बनाकर कैडर निर्धारित करना चाहिए
महासंघ ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को लोकल यूथ सर्वेयरों के लिए स्पष्ट नियम बनाकर कैडर निर्धारित करना चाहिए। साथ ही नियमित रोजगार, सम्मानजनक मासिक मानदेय, नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी करने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि नई नियुक्तियों की बजाय वर्तमान लोकल यूथ सर्वेयरों को पटवारी सहायक का दर्जा दिया जाए तथा आगामी पटवारी भर्ती में उन्हें 70 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाए।
ये भी पढ़ें : दतिया उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भरा नामांकन, उमंग सिंघार और अजय सिंह ने भाजपा पर साधा निशाना
बीमा कवर और सुरक्षा संबंधी प्रावाधान की मांग
इसके अलावा सर्वेयरों के लिए बीमा कवर और कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी प्रावधान लागू करने की भी मांग उठाई गई है। महासंघ ने विधानसभा सत्र के दौरान ही इन मांगों को मंजूरी देकर राज्य स्तरीय सर्वेयर महापंचायत आयोजित करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को प्रदेश से बाहर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। ऐसे में आने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को लेकर सरकार और लोकल यूथ सर्वेयरों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
