कोर्ट से 7 विदेशियों को US-यूक्रेन जाने की परमिशन:इन पर म्यांमार में उग्रवादियों को ट्रेनिंग देने का आरोप, NIA ने मार्च में पकड़ा था
नई दिल्ली2 घंटे पहले
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अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक गुरुवार रात को तिहाड़ जेल से रिहा हुआ।
दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को सात विदेशी नागरिकों को परिवार से मिलने के लिए विदेश जाने की परमिशन दी। इनमें अमेरिकी भाड़े के सैनिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
NIA कोर्ट ने सभी आरोपियों को अधिकतम एक महीने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जाने की परमिशन दी है। इसके बाद उन्हें भारत लौटना होगा और वापसी के 72 घंटे के भीतर कोर्ट को इसकी जानकारी देनी होगी।
NIA ने मार्च 2026 में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक समेत सात विदेशी नागरिकों को म्यांमार के ट्रेनिंग कैंप में उग्रवादियों को हथियार-ड्रोन की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
विदेश जाने की अनुमति पाने वाले यूक्रेनी नागरिकों में हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम उर्फ मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर शामिल हैं।

NIA ने कहा- जांच जारी रहेगी
NIA ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से जरूरी अंडरटेकिंग ली जा सकती है। फिलहाल जांच में आरोपियों की तत्काल मौजूदगी जरूरी नहीं है।
मैथ्यू आरोन वैनडाइक को अमेरिका जाने की अनुमति के अलावा इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत लगे अपराधों से डिस्चार्ज करने की अर्जी भी मंजूर कर ली गई। यह अर्जी 18 सितंबर को हुई कंपाउंडिंग के आधार पर दाखिल की गई थी।
टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे आरोपी
NIA ने सातों विदेशी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये लोग म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग देने से जुड़े थे।
NIA के मुताबिक, आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और पूर्वोत्तर भारत गए थे। उन पर मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश करने का भी आरोप है।
जांच एजेंसी का दावा है कि म्यांमार में आरोपियों ने हथियारों और ड्रोन युद्ध से जुड़ी ट्रेनिंग दी। इसके लिए यूरोप से ड्रोन लाए जाने का भी आरोप लगाया गया था।
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