October 2, 2026

चंडीगढ़ में सितंबर के हर दिन इकट्ठा हुआ 7.93 करोड़ जीएसटी - Chandigarh News

सितंबर महीना यानी फेस्टिवल सीजन की तैयारियां। इसके चलते इस बार भी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ में सितंबर 2026 में कुल 238 करोड़ रुपए जीएसटी से सरकारी खजाने में

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सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 229 करोड़ रुपए था, यानी करीब 4% की ग्रोथ दर्ज की गई है। सितंबर में हर रोज औसतन 7.93 करोड़ रुपए टैक्स सरकारी खजाने में आया। त्योहारों से ठीक पहले बाजार में बढ़ती मांग, मजबूत टैक्स अनुपालन और प्रशासनिक सख्ती के चलते चंडीगढ़ के पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी कलेक्शन में 17% की बढ़ोतरी रिकॉर्ड हुई है।

पड़ोसी राज्यों की स्थिति

हिमाचल प्रदेश: रेवेन्यू में 21% की गिरावट रही। सितंबर 2026 में यह 640 करोड़ रहा, जो पिछले साल सितंबर में 815 करोड़ था।

हरियाणा: 10,097 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो सितंबर 2025 में 9,882 करोड़ था (2% की बढ़त)।

{पंजाब: सितंबर 2026 में कलेक्शन 2,549 करोड़ रहा, जो पिछले साल के 2,167 करोड़ से 18% ज्यादा है।

चंडीगढ़ की जीएसटी रिपोर्ट

{कलेक्शन में 4% की बढ़ोतरी: सितंबर 2026 में चंडीगढ़ का जीएसटी कलेक्शन 238 करोड़ रहा, जो सितंबर 2025 के 229 करोड़ के मुकाबले 9 करोड़ रुपए ज्यादा है।

-प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी (67 करोड़ रुपए): प्री-सेटलमेंट जीएसटी 22% बढ़कर 67 करोड़ रुपए रिकॉर्ड हुआ, जो पिछले साल इसी महीने 55 करोड़ रुपए था।

-पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी (211 करोड़ रुपए): आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद सितंबर 2026 में चंडीगढ़ को 211 करोड़ का कुल स्टेट जीएसटी मिला, जो पिछले साल के 181 करोड़ से 17% ज्यादा है।

6 महीनों में रेवेन्यू 1,365 करोड़ पार: फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान चंडीगढ़ का पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी 1,365 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 1,123 करोड़ से 22% अधिक है।

34 हजार से अधिक टैक्सपेयर्स बेस: चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स की संख्या 34,431 हो गई है। इनमें सेंट्रल फॉरमेशन में 15,115 और स्टेट फॉरमेशन में 19,316 टैक्सपेयर्स रजिस्टर्ड हैं।

भास्कर एक्सप्लेनर

क्यों बढ़ा कलेक्शन और क्या है आगे का ट्रेंड?

फेस्टिवल सीजन के चलते हुई बढ़ोतरी: सितंबर में 238 करोड़ रुपए का कलेक्शन मुख्य रूप से त्योहारी सीजन की शुरुआती मांग और ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स व रिटेल सेक्टर में एडवांस बुकिंग के कारण बढ़ा है। चंडीगढ़ में अकेला ऑटोमोबाइल सेक्टर ही 38% से ज्यादा रेवेन्यू योगदान देता है। इसके अलावा रेगुलर चेकिंग, बिलिंग अनिवार्य करने, ई-वे बिल की मॉनिटरिंग और टैक्स चोरी रोकने की कार्रवाई से टैक्स अनुपालन में सुधार हुआ है।

अब आगे क्या

अक्टूबर और नवंबर में नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दीपावली और गुरुपर्व जैसे बड़े त्योहारों के मद्देनजर बाजार में खरीदारी और कारोबार अधिक रहेगा। इस दौरान फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी रोकने के लिए डिपार्टमेंट ने रेगुलर जांच और मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।