क्रेडिट कार्ड आज के समय में खर्च करने का आसान साधन है, लेकिन अगर इसका बिल हर महीने पूरा चुकाने के बजाय सिर्फ Minimum Due भरकर काम चलाया जाए, तो यही सुविधा धीरे-धीरे बड़े कर्ज में बदल सकती है। क्रेडिट कार्ड पर बकाया रकम पर ब्याज तेजी से बढ़ता है और कई बार ग्राहक को यह समझ ही नहीं आता कि वह हर महीने भुगतान करने के बावजूद कर्ज से बाहर क्यों नहीं निकल पा रहा है। यही वजह है कि विशेषज्ञ क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भविष्य की आय के भरोसे खर्च करने के बजाय अनुशासन के साथ करने की सलाह देते हैं। एक हालिया अमेरिकी सर्वे के मुताबिक, करीब 41% क्रेडिट कार्डधारक कम से कम एक कार्ड पर केवल न्यूनतम भुगतान करते हैं। Gen Z में यह आंकड़ा 58% तक पहुंच जाता है। सर्वे में शामिल कार्डधारकों में औसत क्रेडिट कार्ड कर्ज 7,756 डॉलर बताया गया। हालांकि ये आंकड़े अमेरिका के हैं, लेकिन Minimum Due देकर कर्ज टालने की समस्या भारत में भी कार्डधारकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड का Minimum Due भरने से आपका खाता तत्काल डिफॉल्ट से बच सकता है, लेकिन इससे पूरा कर्ज खत्म नहीं होता। बाकी बकाया राशि पर ब्याज लगता रहता है और अगले बिल में ब्याज के साथ नई रकम भी जुड़ सकती है। अगर लगातार केवल न्यूनतम भुगतान किया जाए तो मूलधन घटने की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है। इसलिए सबसे पहला नियम यही है कि संभव हो तो हर महीने पूरा क्रेडिट कार्ड बिल चुकाएं।
1- मिनिमम ड्यू से ज्यादा भुगतान करें:- अगर पूरा बिल चुकाना संभव नहीं है, तो कम से कम न्यूनतम रकम से काफी ज्यादा भुगतान करने की कोशिश करें। इससे बकाया राशि जल्दी घटेगी और ब्याज का बोझ कम होगा।
2- कर्ज को EMI में बदलने पर विचार करें:- बैंक से पूछें कि क्या बकाया क्रेडिट कार्ड राशि को कम ब्याज वाली EMI में बदला जा सकता है। कुछ मामलों में कम ब्याज वाले व्यक्तिगत ऋण से महंगे कार्ड कर्ज को चुकाना भी विकल्प हो सकता है, लेकिन फीस और कुल ब्याज जरूर जांचें।
3- ऑटो-पेमेंट लगाएं:- बिल की अंतिम तारीख भूलने से लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज का जोखिम रहता है। बैंक खाते में पर्याप्त पैसा रखकर ऑटो-पेमेंट सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4- स्नोबॉल मेथड (Snowball Method) अपनाएं:- अगर कई कर्ज हैं, तो सबसे छोटी बकाया रकम को पहले खत्म करें। एक कर्ज खत्म होने के बाद उसी भुगतान राशि को अगले कर्ज में लगाते जाएं।
5- अवांचे मेथड (Avalanche Method) अपनाएं:- इसमें सभी कर्जों पर न्यूनतम भुगतान करते हुए सबसे ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को पहले खत्म किया जाता है। गणितीय रूप से यह तरीका ब्याज बचाने में अधिक प्रभावी हो सकता है।
6- खर्चों पर लगाम लगाएं:- जब तक क्रेडिट कार्ड का बकाया खत्म न हो, गैर-जरूरी ऑनलाइन शॉपिंग, बाहर खाने और अन्य discretionary खर्चों को सीमित करें। एक स्पष्ट मासिक बजट बनाना काफी मददगार हो सकता है।
7- कुछ समय Cash/Debit का इस्तेमाल करें:- अगर क्रेडिट कार्ड से बार-बार ज्यादा खर्च हो रहा है, तो रोजमर्रा के खर्चों के लिए कुछ समय नकद या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करें। इससे खर्च की सीमा समझने और नए कर्ज को रोकने में मदद मिल सकती है।
आखिर में सबसे जरूरी बात यह है कि क्रेडिट कार्ड को अतिरिक्त आय नहीं, बल्कि भुगतान का माध्यम समझें। अगर हर महीने पूरा बिल चुकाया जाए और अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च न किया जाए, तो क्रेडिट कार्ड सुविधाजनक वित्तीय साधन बना रह सकता है। लेकिन अगर कर्ज पहले ही बढ़ चुका है, तो नए खर्च रोककर व्यवस्थित repayment plan बनाना और जरूरत पड़ने पर बैंक या वित्तीय सलाहकार से विकल्प समझना बेहतर कदम है।