September 18, 2026

‘छात्रों की गूंज’ आज, राहुल इंदौर में 7 घंटे रहेंगे: जेन-जी के मुद्दों पर बात करेंगे; कांग्रेस का दावा-2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए, एंट्री के लिए 5 शर्तें - Indore News

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर में युवाओं से उनके मुद्दों पर बात करेंगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (19 सितंबर) को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए जेन-जी से उनके मुद्दों पर बात करेंगे। राहुल दोपहर 2 बजे इंदौर पहुंचेंगे। शाम साढ़े 5 बजे रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA ग्राउंड में कार्यक्रम में

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छात्र शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल राहुल गांधी से कर सकेंगे। राहुल गांधी का इंदौर में पहला और देश में 5वां कार्यक्रम है।

कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जबकि प्रशासन को करीब 15 हजार विद्यार्थियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम को 31 शर्तों के साथ अनुमति दी गई है।

सबसे पहले देखें आयोजन स्थल की 3 तस्वीरें…

कार्यक्रम का 300 फीट का पोस्टर लेकर शुक्रवार को युवा सड़कों पर निकले।

कार्यक्रम का 300 फीट का पोस्टर लेकर शुक्रवार को युवा सड़कों पर निकले।

आयोजन स्थल पर शुक्रवार को मौजूद कांग्रेस नेता।

आयोजन स्थल पर शुक्रवार को मौजूद कांग्रेस नेता।

कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने मैदान पर डोम तैयार किए गए हैं।

कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने मैदान पर डोम तैयार किए गए हैं।

राहुल चार राज्यों में कर चुके छात्रों की गूंज कार्यक्रम

15-29 साल के 37 करोड़ युवाओं पर फोकस की ये वजह

शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी

सरकार के पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के मुताबिक, 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 9.9% है। ग्रामीण इलाकों में युवाओं की बेरोजगारी दर 8.3%, जबकि शहरों में यह 13.6% है। पुरुष युवाओं में यह दर 9.3% और महिला युवाओं में 11.3% है। वहीं, 15 से 29 साल के 24.9% युवा NEET थे। इसका मतलब है- न नौकरी, न पढ़ाई और न कोई ट्रेनिंग।

देश में हर चौथा वोटर जेनजी

चुनाव आयोग के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान देश के कुल मतदाताओं में 18-29 साल के वोटरों की हिस्सेदारी 22.78% थी। यानी लगभग हर 4 में से एक वोटर जेन-जी है।

पीएम का 'छात्रों की गूंज' के जवाब में 'झूठ की गूंज' वाला तंज

पीएम मोदी ने पिछले दिनों 3 बार अलग-अलग कार्यक्रमों की स्पीच में 'झूठ की गूंज' का इस्तेमाल किया। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी का या छात्रों की गूंज नाम नहीं लिया।

1 सितंबर: जीडीपी वृद्धि दर (7.8%) मोदी ने वीडियो जारी कर कहा कि जब भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब "देश के भीतर ही कुछ लोग निराशा के अंधेरे में डूबे हुए हैं और 'झूठ की गूंज' फैलाकर निराशा का माहौल बना रहे हैं"।

5 सितंबर: श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में मोदी ने कहा-"मैं जानता हूं, सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं सकेगी।" उन्होंने हर सरकारी प्रोजेक्ट और सुधार का विरोध करने वालों पर 'नाराज फूफा' का तंज भी कसा।

8 सितंबर: वडोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (MSU) के पवेलियन ग्राउंड पर आयोजित युवा सम्मेलन 'नमो फॉर विकसित भारत' में कहा- जो लोग 'झूठ की गूंज' से गुमराह करते हैं, वे आपको हर नुक्कड़ और चौराहे पर मिल जाएंगे।

छात्रों पर कांग्रेस का फोकस क्यों?

सवाल 1: राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत कोटा से ही क्यों की? जवाब: कोटा देश का बड़ा कोचिंग हब है, जहां NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाखों छात्र आते हैं। यहां की सलाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपए तक है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोचिंग इंडस्ट्री का सालाना रेवेन्यू 3500 से 7000 करोड़ रुपए है। कोटा में 4000 से ज्यादा हॉस्टल हैं, 40 हजार से ज्यादा पीजी संचालित हो रहे हैं। पिछले 10 साल में कोटा में करीब 170 छात्रों ने आत्महत्याएं कीं। उन्होंने कहा;- कोटा में जो छात्र सुसाइड कर रहे हैं, वे फेल नहीं हैं। यह देश का फेल हुआ सिस्टम है, जो हमारे बच्चों की जान ले रहा है।

सवाल 2: कांग्रेस को ‘छात्रों की गूंज’ से क्या हासिल हो सकता है? जवाब: कांग्रेस को इस अभियान से चार फायदे हो सकते हैं;-

  • छात्रों से सीधा संवाद: कांग्रेस शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों के जरिए सीधे छात्रों और युवाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
  • सरकार के खिलाफ मुद्दा तैयार करना: पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, फीस और नौकरी में देरी जैसे मुद्दों को जोड़कर कांग्रेस शिक्षा से रोजगार तक पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
  • युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय मुद्दा बनाना: कांग्रेस की कोशिश है कि छात्र की समस्या सिर्फ परीक्षा या कॉलेज तक सीमित न रहे, बल्कि उसे रोजगार, अर्थव्यवस्था और सरकार की जवाबदेही से जोड़ा जाए।
  • 2029 की चुनावी तैयारी: सरकारी आंकड़े के मुताबिक, 2026 में देश में 15-29 साल की उम्र के करीब 36.74 करोड़ युवा हैं। ये कुल आबादी का करीब 26% है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल Gen-Z और युवा वोटर्स तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।

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राहुल के 'छात्रों की गूंज' पर 31 कड़ी शर्तें लगाईं

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने अब 31 कड़ी शर्तें रखी हैं। इसके साथ राहुल के पिता और पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के वक्त हुई सुरक्षा चूकों से जुड़ी लिस्ट भी दी हैं। चूकों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में आयोजकों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पूरी खबर पढ़ें