July 27, 2026

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के मामले में योगी सरकार ने दी राहत, खाली पदों पर भी होगी नियुक्ति

सरकार ने सुबह करीब 11 बजे अदालत से यह भी कहा कि यह फैसला सिर्फ 69 हजार शिक्षक भर्ती के इस मामले तक सीमित रहेगा. इसे भविष्य की किसी दूसरी भर्ती के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा.

सरकार ने सुबह करीब 11 बजे अदालत से यह भी कहा कि यह फैसला सिर्फ 69 हजार शिक्षक भर्ती के इस मामले तक सीमित रहेगा. इसे भविष्य की किसी दूसरी भर्ती के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा.

author-image

New Update

CM Yogi Adityanath

Photo Photograph: (IANS)

यूपी सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के केस में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. सरकार के अनुसार, 2020 में नियुक्त 67 हजार 867 शिक्षकों की नौकरी अब नहीं जाने वाली है. अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत नई मेरिट लिस्ट में नए उम्मीदवार पात्र पाए गए हैं तो उन्हें भी खाली पदों पर नियुक्ति भी दी जाएगी. 

नियमों के तहत नौकरी दी जाएगी  

सरकार ने सुबह करीब 11 बजे अदालत से यह भी कहा कि यह फैसला सिर्फ 69 हजार शिक्षक भर्ती के इस मामले तक सीमित रहेगा. इसे भविष्य की किसी दूसरी भर्ती के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा. इस भर्ती प्रक्रिया में करीब 9 हजार से अधिक अभ्यर्थी हैं. सरकार के अनुसार, इन्हें नियमों के तहत नौकरी दी जाएगी. भर्ती प्रक्रिया को लेकर यूपी में  अभ्यर्थियों ने कई बार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, साल 2019 में बेसिक शिक्षा परिषद ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा कराई थी. इसका नोटिफिकेशन 2018  में जारी किया गया था. इस भर्ती में OBC कैटेगरी में टोटल 18,598 सीटें थीं, मगर OBC कैंडिडेट्स को मात्र 2,637 सीटें ही दी गईं.

भर्ती प्रक्रिया नियमावली के तहत कराई गई

ऐसे आरोप हैं कि OBC को 27 प्रतिशत जगह मात्र 3.86 प्रतिशत ही रिजर्वेशन दिया गया. इसी तरह से SC उम्मीदवार को 21 प्रतिशत की जगह 16.6% का ही आरक्षण मिला. इस भर्ती में बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का उल्लंघन हुआ है. आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को दी गई हैं. वहीं सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमावली के तहत कराई गई है. 

ST कैटेगरी के 1133 पद खाली

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर 6 जनवरी, 2019 को ATRE-2019 परीक्षा तय की गई. इसमें 7 जनवरी 2019 को सरकार ने जनरल कैटेगरी के लिए 65 प्रतिशत और रिजर्व कैटेगरी के लिए 60 प्रतिशत न्यूनतम पासिंग मार्क्स तय किया गया. इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती मिली. मगर 6 मई 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार के निर्णय को सही माना. इसके बाद 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के निर्णय को कायम रखा था. सभी अपीलों को खारिज किया गया था. इसके बाद 1 जून 2020 को क्वालिटी प्वाइंट के आधार पर 67 हजार 867 उम्मीदवार की सिलेक्शन लिस्ट को जारी किया. वहीं एसटी कैटेगरी के 1133 पद योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण खाली रह गए.

ये भी पढ़ें: सरकार ने दी प्लास्टिक करेंसी छापने की मंजूरी, जानें पहले कौन से नोट बाजार में आएंगे