हिमाचल प्रदेश पुलिस में महिला कांस्टेबलों की भर्ती को लेकर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। शिमला की प्रियंका शर्मा ने हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भर्ती की संशोधित एडिश्नल मेरिट लिस्ट को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 63.50 अंक हासिल कर
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याचिका के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने 4 अक्टूबर 2024 को 380 महिला कांस्टेबलों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। प्रियंका शर्मा ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया और शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के बाद 15 जून 2025 को लिखित परीक्षा दी। दस्तावेजों की जांच के लिए भी उन्हें बुलाया गया था।
पहली मेरिट लिस्ट में 63.50 अंक, कटऑफ 64 रही
याचिका में कहा गया है कि लिखित परीक्षा के एक सवाल के सही उत्तर को लेकर विवाद हुआ था। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद आयोग ने मेरिट लिस्ट संशोधित की। इस संशोधित सूची में प्रियंका शर्मा को 63.50 अंक मिले और उनका नाम संयुक्त मेरिट लिस्ट में 330वें स्थान पर था। हालांकि, EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी की कटऑफ 64 अंक रहने के कारण उनका अंतिम चयन नहीं हुआ।

महिला कांस्टेबल भर्ती मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
अतिरिक्त मेरिट लिस्ट में आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया
याचिका के अनुसार, विभाग ने बाद में एडिश्नल मेरिट लिस्ट तैयार की। इसके तहत 3 जुलाई 2026 को प्रियंका शर्मा को मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 6 जुलाई को आईजी, दक्षिणी रेंज, शिमला के कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। वह सभी दस्तावेजों के साथ पहुंचीं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके बाद उन्हें कोई नई तारीख या स्पष्ट सूचना नहीं दी गई।
63.25 और 62.75 अंक वालों को बुलाने पर उठाए सवाल
प्रियंका शर्मा ने याचिका में दावा किया है कि 17 जुलाई 2026 को जारी संशोधित एडिश्नल मेरिट लिस्ट में उनसे कम अंक हासिल करने वाली अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया गया।
याचिका में दिए गए विवरण के मुताबिक, एक अभ्यर्थी को 63.25 अंक, जबकि दो अन्य अभ्यर्थियों को 62.75-62.75 अंक मिले थे। इसके बावजूद उन्हें मेडिकल जांच और डोप टेस्ट के लिए बुलाया गया, जबकि 63.50 अंक हासिल करने वाली प्रियंका शर्मा को सूची में शामिल नहीं किया गया।
विभाग को अभ्यावेदन देने के बाद हाईकोर्ट पहुंचीं
याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने 16 जुलाई को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन देकर मेरिट के आधार पर अपनी उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करने की मांग की थी। उनके अनुसार, शिकायत पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 19 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
EWS श्रेणी में एक पद खाली रखने की मांग
प्रियंका शर्मा ने हाईकोर्ट से भर्ती की संशोधित अतिरिक्त मेरिट लिस्ट की वैधता की जांच करने और उनकी उम्मीदवारी पर मेरिट व भर्ती नियमों के अनुसार दोबारा विचार करने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने याचिका के अंतिम निपटारे तक महिला कांस्टेबल के EWS श्रेणी के एक पद को रिक्त रखने का अनुरोध भी किया है, ताकि मामले का फैसला होने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर उनके अधिकार प्रभावित न हों।
याचिका में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर के अधिकार का हवाला देते हुए अधिकारियों की कार्रवाई को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताया गया है। अब इस मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।