बिलासपुर में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। ठगों ने दो रिटायर्ड कर्मचारियों को अपना शिकार बनाया। एक मामले में रिटायर्ड रेलकर्मी से बैंक खाते की जानकारी लेकर 2.83 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। वहीं, दूसरे रिटायर्ड कर्मचारी से पेंशन कार्ड बनवाने के
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दोनों मामलों में पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये मामले तोरवा और सकरी थाना क्षेत्र के हैं।
शांति विहार के जी. भीमाराव (60) रेलवे के रिटायर्ड सीनियर टेक्नीशियन हैं। 11 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की बात कही।
भीमाराव उसकी बातों में आ गए। कॉलर जैसा बताता गया, वे मोबाइल पर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी दर्ज करते गए। डिटेल्स भरते ही ठग ने उनके खाते से पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।
ठगों ने एक के बाद एक 34 ट्रांजेक्शन कर उनके खाते से कुल 2 लाख 83 हजार रुपए निकाल लिए। मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।
पुलिस मोबाइल नंबर व खातों की जांच में जुटी
ठगी का पता चलते ही जी. भीमाराव ने बैंक से स्टेटमेंट निकलवाया और तोरवा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से ठगी की रकम को जिन खातों में भेजा गया है, उन्हें तुरंत होल्ड या फ्रीज कराने की मांग की है।
पुलिस साइबर सेल की मदद से ठग के मोबाइल नंबर और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच कर रही है। पुलिस ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
पेंशन कार्ड बनाने भेजा फर्जी लिंक, अकाउंट से 3.56 पार
सकरी क्षेत्र के मोहित गोड ने पुलिस को बताया कि 9 सितंबर को फेसबुक पर उन्हें ऑनलाइन रिटायर्ड पेंशन कार्ड बनवाने का एक लिंक मिला। उन्होंने लिंक पर क्लिक किया और खाते व मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी भर दी।
उसी रात एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। उसने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का कर्मचारी बताया और अकाउंट नंबर, नाम, मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी और पासवर्ड ले लिया।
जानकारी लेने के बाद आरोपी ने मोहित गोड के एसबीआई ज्वाइंट खाते से 3 लाख 56 हजार 298 रुपए निकाल लिए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। सकरी पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।