उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पानी आपूर्ति पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 इंजीनियर तत्काल सस्पेंड कर दिए गए।
दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : नैनीताल जिले के ज्योलीकोट इलाके में नलों से दूषित पानी आने की शिकायतों ने सीधे शासन स्तर पर खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट मिलते ही उत्तराखण्ड जल संस्थान (Uttarakhand Jal Sansthan) और पेयजल निगम के छह अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। राज्य में आम लोगों की सेहत से जुड़ी अनदेखी पर संभवतः यह अब तक की सबसे सीधी और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
जिला प्रशासन की जांच में खुली पोल
पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी सीजन के दौरान अक्सर पाइपलाइनों में रिसाव या गंदे स्रोत से पानी मिलने की शिकायतें आती हैं। ज्योलीकोट क्षेत्र में भी जब कई घरों में गंदे पानी की आपूर्ति की बात सामने आई, तो स्थानीय स्तर पर भारी नाराजगी देखने को मिली थी।
मामला तूल पकड़ते ही नैनीताल जिला प्रशासन ने मौके का मुआयना कराया। जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर सामने आया कि तैनात तकनीकी स्टाफ ने नियमित क्लोरीनेशन और पाइपलाइन की निगरानी में गंभीर ढिलाई बरती। इसी आधार पर शासन को निलंबन की संस्तुति भेजी गई थी।
हल्द्वानी से भीमताल तक नपे कई बड़े पद
निलंबन की जद में सिर्फ फील्ड के छोटे कर्मचारी नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट और डिविजन स्तर के जिम्मेदार अधिकारी भी आए हैं। कार्रवाई की सूची में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता व अपर सहायक अभियंता शामिल हैं।
इसके अलावा पेयजल निगम (Peyjal Nigam) भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को भी कुर्सी से हटा दिया गया है। वहीं नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को फिलहाल सख्त हिदायत के साथ चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े बुनियादी मामलों—खासकर पानी और स्वास्थ्य—में किसी भी स्तर की बहानेबाजी स्वीकार नहीं होगी। इससे ठीक एक दिन पहले शासन ने नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की राज्य काउंसलिंग में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले 8 अभ्यर्थियों के दाखिले निरस्त कर सख्त संदेश दिया था।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मुख्यालय स्तर से नैनीताल के प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त तकनीकी टीम भेजने की भी तैयारी चल रही है।