02 अक्टूबर 2026, जयपुर: राजस्थान: किसानों को वितरित हुए 59,712 मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 4.64 लाख अन्नदाताओं तक पहुंची योजनाओं की जानकारी – राजस्थान में चल रहे ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ के तहत कृषि विभाग की ओर से किसानों तक कृषि योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में 26 से 28 सितंबर तक गिरदावर सर्किल पर ग्रामीण सेवा शिविर और 19 से 25 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर आयोजित ‘सेवा सेतु अभियान–ग्रामीण क्षेत्र’ के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, उन्हें विभागीय योजनाओं एवं कृषि गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि अभियान के दौरान प्रदेश में कुल 59,712 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। वहीं 4 लाख 64 हजार किसानों को विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी से लाभान्वित किया गया। इससे किसानों को अपनी भूमि की मृदा स्थिति समझने के साथ कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी मिली।
कई जिलों में दर्ज हुई उल्लेखनीय प्रगति
मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण में सवाई माधोपुर में 6,685, करौली में 5,117, नागौर में 3,532, डीडवाना-कुचामन में 2,718 और झुंझुनू में 2,522 कार्ड वितरित किए गए। वहीं विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी से लाभान्वित किसानों की संख्या में सवाई माधोपुर में 40,473, जयपुर में 32,340, जोधपुर में 26,370, भीलवाड़ा में 20,304, सिरोही में 18,371 और सीकर में 18,118 सहित कई जिलों में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई।
किसानों तक पहुंच रही योजनाओं की जानकारी
अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, सुविधाओं और तकनीकी सेवाओं की जानकारी उनके निकट उपलब्ध कराना है, ताकि पात्र किसान समय पर योजनाओं का लाभ उठा सकें। विभाग की ओर से मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ कृषि सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड में 12 मानकों की जांच
कृषि विभाग की ओर से किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति की जानकारी देने और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत खेत से मिट्टी का नमूना लेकर वैज्ञानिक विधि से जांच की जाती है और जांच के आधार पर किसान को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी में उपलब्ध प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति के साथ फसल के अनुसार आवश्यक पोषक तत्वों और उर्वरकों की मात्रा की सिफारिश दी जाती है। इससे किसान यह जान सकते हैं कि उनके खेत में कौन-से पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हैं और किन तत्वों की कमी है।
कार्ड में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, बोरॉन, पीएच, विद्युत चालकता और ऑर्गेनिक कार्बन सहित 12 मानकों की जांच की जाती है। जांच के आधार पर उर्वरकों, जैव उर्वरकों, जैविक खाद और आवश्यक मृदा सुधारकों के उपयोग की सलाह दी जाती है।
मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद के उपयोग पर जोर
मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उद्देश्य किसानों को बिना आवश्यकता अधिक मात्रा में उर्वरकों के इस्तेमाल से बचाना और मिट्टी की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे अनावश्यक उर्वरक खर्च कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और दीर्घकाल में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
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