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- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Aug 12, 2026, 11:11 AM IST
विधानसभा में यह प्रस्ताव लाने से पहले मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के कलाईवानार अरंगम में तमिलनाडु के सभी सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें राज्य के अधिकारों और दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए यह कदम उठाने का फैसला लिया गया।
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परिसीमन के खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पेश
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ANI
Resolution in TN Assembly Against Delimitation: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने परिसीमन (Delimitation) के प्रस्तावित मुद्दे पर राज्य विधानसभा में एक बड़ा शासकीय प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से सर्वसम्मति से अपील की गई है कि देश में लोकसभा सीटों की कुल संख्या को हमेशा के लिए 543 पर ही स्थिर रखा जाए और विभिन्न राज्यों के बीच मौजूदा सीट आवंटन के संतुलन को बरकरार रखा जाए। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा में यह प्रस्ताव लाने से पहले मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के कलाईवानार अरंगम में तमिलनाडु के सभी सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें राज्य के अधिकारों और दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए यह कदम उठाने का फैसला लिया गया।
प्रस्ताव की मुख्य सिफारिशें और मांगें
- केंद्र सरकार से मांग की गई है कि लोकसभा की वर्तमान सीट संख्या (543) और राज्यों के बीच इसके वितरण को अनिश्चित काल के लिए स्थिर रखा जाए।
- प्रस्ताव में यह भी जोर दिया गया है कि लोकसभा और राज्यसभा के बीच मौजूदा 2.2:1 का अनुपात बनाए रखा जाए।
- बिना किसी देरी के 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग की गई है—बशर्ते इसे मौजूदा 543 सीटों के आधार पर ही लागू किया जाए।
- परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) को असीमित शक्तियां देने का विरोध करते हुए कहा गया है कि किसी भी बदलाव का अंतिम अधिकार संसद के पास ही होना चाहिए।
दक्षिण भारत की चिंता और विवाद का कारण
दक्षिण भारतीय राज्यों को डर है कि गर 2021/2026 की जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन किया जाता है तो जिन राज्यों (विशेषकर उत्तर भारतीय राज्यों) में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, वहां लोकसभा सीटें काफी बढ़ जाएंगी। इसके विपरीत, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य—जिन्होंने प्रभावी ढंग से जनसंख्या नियंत्रण नीतियों को लागू किया है—वे राजनीतिक रूप से नुकसान में रहेंगे और संसद में उनका प्रतिनिधित्व घट जाएगा।
सांसदों की बैठक और राजनीतिक रुख
मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय सांसद बैठक में कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके सहित कई पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और परिसीमन संशोधन विधेयक का विरोध करने का संकल्प जताया। बैठक में यह सर्वसम्मति बनी कि सभी राजनीतिक दलों को संसद में प्रस्तावित परिसीमन संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ वोट देना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम सहित कई सांसदों ने बैठक में कहा कि लोकसभा सीटों की कुल संख्या को 815 या 850 तक बढ़ाना और उसमें तमिलनाडु को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देना राज्य के व्यापक हितों के खिलाफ होगा।
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अमित कुमार मंडलauthor
अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।
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