आगामी श्रावणी मेला-2026 के सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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मंगलवार को नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने राजगीर के कुंड क्षेत्र और व्यावहारगिरि पर्वत का सघन स्थलीय निरीक्षण किया।
मेले में आने वाले शिवभक्तों को कोई परेशानी न हो, इसका ग्राउंड जीरो पर जायजा लेने के लिए डीएम स्वयं 533 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ पर पहुंचीं और प्रशासनिक अधिकारियों को कई सख्त व अहम निर्देश दिए।
सुरक्षा, मेडिकल और प्रकाश व्यवस्था पर जोर निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने पूरे मार्ग में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भीड़ प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेले में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम, पर्याप्त मेडिकल टीम और आवश्यकता पड़ने पर 'आपदा मित्रों' की तैनाती की जाएगी।

कुंड क्षेत्र का निरीक्षण करते डीएम एसपी
अतिक्रमण हटेगा, बनेगी पार्किंग जरासंध अखाड़ा क्षेत्र और वहां से दिखने वाले विहंगम दृश्य का अवलोकन करते हुए डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि मंदिर परिसर के आसपास से अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए।
अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को एक बेहतर अनुभव मिल सके।
सिद्धनाथ मंदिर में की पूजा, जल संरक्षण पर बड़ा फैसला पहाड़ की चढ़ाई के दौरान डीएम उदिता सिंह ने ऐतिहासिक सिद्धनाथ मंदिर का दर्शन किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना महाभारत काल में मगध सम्राट जरासंध ने कराई थी।
इसके बाद डीएम ने व्यावहारगिरि पर्वत स्थित बेलवेदार वर्षा जल संचयन क्षेत्र का निरीक्षण किया। जल संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने वन विभाग को जलाशय को लगभग 6 फीट और गहरा करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, डीएफओ के साथ चर्चा करते हुए डीएम ने वेणुवन मॉडल की तर्ज पर निजी और सरकारी बोरवेलों को 'ग्राउंड वाटर रिचार्ज एक्विफर' के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा है, ताकि इलाके के भू-जल स्तर में वृद्धि हो सके।
पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विपुलगिरि, स्वर्णगिरि, रत्नागिरि पर्वत श्रृंखलाओं और बिम्बिसार ट्रैकिंग ट्रैक के ऐतिहासिक व पर्यटन महत्व की जानकारी ली।
इसके अलावा, पहाड़ से राजगीर स्टेडियम, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान और स्पोर्ट्स अकादमी जैसे विकसित हो रहे स्थलों का भी जायजा लिया तथा वहां की वनस्पतियों व वन्य जीवों (के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस मौके पर नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, राजगीर एसडीओ, जिला नियोजन पदाधिकारी, वन विभाग के अधिकारी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने श्रावणी मेले के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन को अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।