August 31, 2026

नीम करोली बाबा का अस्थि कलश, 53 साल से इस जगह पर रखा सुरक्षित

हनुमान जी का अवतार कहे जाने वाले नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. फिल्म आने के बाद सोशल मीडिया नीम करोली बाबा के किस्से-कहानियों से भरा पड़ा है. इस बीच नीम करोली बाबा से जुड़ी एक खास जानकारी सामने आई है. बाबा के प्रशंसकों में बहुत सारे लोग यह बात नहीं जानते कि उनका अस्थि कलश पिछले 53 साल से भोपाल में सुरक्षित रखा हुआ है. यह अस्थि कलश उनके बड़े बेटे अनेग सिंह के परिवार के पास आज भी सुरक्षित है.

1973 में वृंदावन में ली थी समाधि
नीम करोली बाबा ने 11 सितंबर 1973 को अनंत चतुर्दशी के दिन वृंदावन में समाधि ली थी. देह त्यागने के बाद उनकी अस्थियों को देश की 11 पवित्र नदियों में विसर्जित किया गया था. हालांकि, अस्थियों का एक हिस्सा उनके बड़े बेटे अपने साथ भोपाल ले आए थे. इस अस्थि कलश को परिवार ने आज तक संभालकर रखा हुआ है. तब से यह अस्थि कलश परिवार की देख-रेख में संरक्षित है.

भोपाल से नीम करोली बाबा का खास संबंध
नीम करोली बाबा के पोते डॉ. धनंजय शर्मा ने आजतक से बातचीत में बाबा के भोपाल से खास संबंध होने की बातें साझा की थीं. इस दौरान उन्होंने बताया था कि बाबा को भोपाल से बहुत ज्यादा लगाव था. डॉ. धनंजय के अनुसार, साल 1970 में नीम करोली बाबा करीब 10 दिनों तक उनके अरेरा कॉलोनी स्थित आवास पर रुके थे. इस दौरान उन्होंने भोपाल की कई जगहों का दौरा भी किया था. बाबा ने नेवरी मंदिर में रात भी बिताई थी.

सम्बंधित ख़बरें

नीम करोली बाबा के परिवार का क्या हुआ?
डॉ. धनंजय शर्मा के अनुसार, उनके पिता और चाचा का स्वर्गवास हो चुका है. उनके पिता 4 साल पहले 97 साल की आयु में इस दुनिया से चले गए. परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग जगहों पर रहते हैं.

बाबा ने दी थी हनुमानजी की प्रतिमा
डॉ. धनंजय शर्मा ने बताया था कि नीम करोली बाबा ने उन्हें खुद हनुमानजी की एक विशेष प्रतिमा भेंट की थी. वह आज भी नियमित इस प्रतिमा को पूजते हैं. परिवार की आस्था में नीम करोली बाबा का स्थान महत्वपूर्ण है. सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि देशभर में लोग उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं. इसलिए बाबा का अस्थि कलश उनके लिए सिर्फ एक धार्मिक धरोहर नहीं, बल्कि गहरी आस्था से जुड़ा विषय है.

डॉ. धनंजय ने दावा किया कि यह अस्थि कलश अपने आप में अनोखा है. उनके मुताबिक, देश में उनके परिवार के अलावा कहीं और ऐसा दूसरा कलश मौजूद नहीं है.

भोपाल में बनेगा मंदिर और आश्रम
परिवार अब भोपाल में नीम करोली बाबा के नाम से एक भव्य मंदिर और आश्रम बनाने की योजना पर काम कर रहा है. डॉ. धनंजय शर्मा के अनुसार, मंदिर बनने के बाद इस अस्थि कलश को वहां विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा. इस तरह 53 साल से परिवार के पास सुरक्षित यह अस्थि कलश भविष्य में बाबा की स्मृति और उनकी विरासत से जुड़े एक प्रमुख धार्मिक स्थल का हिस्सा बन सकता है.

---- समाप्त ----

ये भी देखें

Kainchi Dham Foundation Day: भक्तों की भीड़, भव्य उत्सव… कैंची धाम में धूमधाम से मनाया गया नीम करौली बाबा स्थापना दिवस

Live TV